दृश्य, गति और थीम की सेटिंग
इ
- इक्षुरसे
- ईख के रस में
- इच्छानिच्छाविवर्जने
- इच्छा और अनिच्छा के त्याग में
- इतः ततः भ्रमति
- इधर-उधर भ्रमती है
- इति एवम् गलित-धीः कृती
- इस प्रकार जिसकी संशयग्रस्त बुद्धि विगलित (शांत) हो चुकी है, वह सिद्ध पुरुष
- इति चिन्ता-अनुरोधी यः
- इस प्रकार के आत्म-निश्चय में जो स्थित रहता है
- इति ज्ञानम्
- ऐसा ज्ञान है
- यही ज्ञान है
- इति निश्चयी
- ऐसा जिसका अडिग निश्चय है
- ऐसा जिसका दृढ़ निश्चय है
- ऐसा जिसका पक्का निश्चय है
- इति विज्ञाय
- ऐसा निश्चित रूप से जान लेने के बाद
- इति विभागम् सन्त्यज
- इस प्रकार के मानसिक विभाजन और भेद को भी त्याग दो
- इति सञ्चिन्त्य
- ऐसा भली-भाँति समझकर
- इदं विश्वम्
- यह संसार
- इदम् कर्म देहेन कृतम्
- यह कर्म शरीर और इंद्रियों द्वारा किया गया है
- इदम् कृतम् इदम् न इति द्वन्द्वैः
- 'यह मैंने कर लिया और यह अभी बाकी है' के द्वंद्वों से
- इदम् जगत् ते भिन्नम् न
- यह संपूर्ण जगत तुमसे अलग या भिन्न नहीं है
- इदम् तत्त्वम् सम्यक् बुद्ध्वा
- इस परम सत्य को भली-भाँति समझकर
- इदम् ब्रह्माण्ड-मण्डलम् पूर्णम्
- यह संपूर्ण ब्रह्मांड परिपूर्ण और व्याप्त है
- इदम् विश्वम्
- यह संपूर्ण दृश्य जगत
- इदम् विश्वम् भ्रान्ति-मात्रम्
- यह दृश्य जगत केवल एक भ्रम (भ्रांति) मात्र है
- इदम् सर्वम् भ्रम-भूतम्
- यह सब कुछ केवल भ्रम (माया) मात्र है
- इन्द्रजालोपमम् जगत्
- जगत् इन्द्रजाल के समान है
- इन्द्रियाणि विकलानि च
- और इंद्रियाँ सांसारिक विषयों की पकड़ से मुक्त हो चुकी होती हैं
- इव
- जैसे कि
- इह अन्यः न
- यहाँ कोई दूसरा (जीव) कर्ता नहीं है
- इह अन्यथा न
- इस संसार में दुःख का कोई दूसरा कारण नहीं है
- इह अमुत्र
- इस लोक और परलोक में
- इह संसारे
- इस संसार में