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Dharma Granth

धर्म ग्रंथ

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प्रसिद्ध श्लोक — गहरा हिंदी अर्थ — वैज्ञानिक दृष्टिकोण

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Daily wisdom

One verse, read with care

भगवद्गीता २.४७

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन । मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि ॥

karmaṇyevādhikāraste mā phaleṣu kadācana | mā karmaphalaheturbhūrmā te saṅgo'stvakarmaṇi ||

Plain-English meaning

You have a right only to perform your duty; the fruits thereof are not your concern. Let not the fruit of action be your motive, nor let attachment to inaction take hold of you.

हिंदी भावार्थ

तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल में कभी नहीं। न तो कर्म के फल का कारण बनो, और न ही कर्म न करने में आसक्त हो।

श्रीकृष्ण यहाँ कर्म पर पूरा ध्यान देने और परिणाम की आसक्ति छोड़ने की शिक्षा देते हैं। यह निष्क्रियता नहीं, बल्कि उद्देश्यपूर्ण कर्म करते हुए फल को नियंत्रित करने के भ्रम से मुक्त होना है।

Research note and source

आधुनिक मनोविज्ञान में “nonattachment” को अनुभवों से चिपके बिना उनके साथ संतुलित ढंग से जुड़ने के रूप में अध्ययन किया जाता है। शोध में इसका बेहतर well-being और कम psychological distress से संबंध मिला है, लेकिन उपलब्ध प्रमाण मुख्यतः सहसंबंधात्मक हैं—यह गीता की शिक्षा का वैज्ञानिक सत्यापन या कारण-परिणाम का प्रमाण नहीं है।

Read the 2022 meta-analysis on PubMed
अध्याय २ पढ़ें

Practice

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नित्य कर्म क्रिया

नित्य कर्म क्रिया

स्मरण, शौच, अध्ययन, सचेत कर्म, सायं चिंतन और विश्राम के लिए एक सरल समझदार दिनचर्या। इसे हल्का रखें: असंगति से अधिक महत्वपूर्ण है।

आज की प्रगति

0/8 क्रिया

0%

यह एक हल्का शैक्षिक मार्गदर्शन है, कोई कठोर नियम पुस्तिका नहीं। अपने पारिवारिक परंपरा, गुरु, स्वास्थ्य और उपलब्ध समय का पालन करें।

स्मरण से दिन आरम्भ

Wake with remembrance

2 मिनट

दिन की शुरुआत फोन या काम से पहले कृतज्ञता के साथ करें।

कराग्रे वसते लक्ष्मीं कर्मध्यां कराग्रे वसते

शौच और शुद्धि

Shaucha and freshening

10-20 मिनट

स्नान शरीर और मन को शुद्ध करता है, अध्ययन या कार्य के लिए तैयार करता है।

अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा

सूर्य अर्घ्य / प्रकाश ध्यान

Surya arghya or sunlight pause

3-5 मिनट

यदि आप इस प्रथा का पालन करते हैं तो जल अर्पण करें, या सुबह की रोशनी में शांत रहें।

ॐ भास्कराय नमः ॐ आदित्याय नमः ॐ सूर्याय नमः

जप और स्वाध्याय

Japa and scripture reading

10-30 मिनट

चुने हुए मंत्र का जाप करें और एक श्लोक को धीरे से अर्थ सहित पढ़ें।

ॐ नमः शिवाय ॐ नमो भगवते वासुदेवाय