अध्याय २२
श्लोक 1
इति श्रीमार्कण्डेयपुराणे कुवलयाश्वीये मदालसापरिणयनं नामैकविंशो ऽध्यायः द्वाविंशो ऽध्यायः पुत्रावूचतुः ततः काले वहुतिथे गते राजा पुनः सुतम् ।प्राह गच्छाशु विप्राणां त्राणाय चर मेदिनीम्
iti śrīmārkaṇḍeyapurāṇe kuvalayāśvīye madālasāpariṇayanaṃ nāmaikaviṃśo 'dhyāyaḥ dvāviṃśo 'dhyāyaḥ putrāvūcatuḥ tataḥ kāle vahutithe gate rājā punaḥ sutam / prāha gacchāśu viprāṇāṃ trāṇāya cara medinīm
हिन्दी अर्थ
पृथ्वी उत्पन्न हुई, जिसका गुण गन्ध है। उन-उन भूतोंमें कारणरूपसे तन्मात्राएँ हैं, इसलिये वे भूततन्मात्रारूप माने गये हैं। तन्मात्राएँ किसी विशेष भावका बोध नहीं करातीं। इसलिये वे अविशेष हैं। इस प्रकार तामस अहड्कारसे यह भूततन्मात्रारूप सर्ग प्रकट हुआ।
English
man to all the classes.