अध्याय १९
श्लोक 1
उत्तरेण समुद्रस्य हिमाद्रेश् चैव दक्षिणे वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र संततिः
uttareṇa samudrasya himādreś caiva dakṣiṇe varṣaṃ tad bhārataṃ nāma bhāratī yatra saṃtatiḥ
हिन्दी अर्थ
का आविर्भाव हुआ। उस बुद्धिसे पञ्चमहाभूतोंका राक्षसों, मुनियों, किन्नरों, सिद्धों, नागों तथा प्रवर्तक अहंकार प्रकट हुआ। आकाश, वायु, पक्षियोंका जीवन तुमसे ही चलता है। तुम्हीं अग्नि, जल और पृथ्वी--ये पाँच महाभूत हुए।। ब्रह्मा, तुम्हीं महादेव, तुम्हीं विष्णु, तुम्हीं प्रजापति तदनन्तर एक अण्ड उत्पन्न हुआ। उसमें ये सातौं तथा तुम्हीं वायु, इन्द्र, सोम, विवस्वान् एवं वरुण
English
To the north of ocean and to the South of Himalayas is the sub«contineiit Bhirata. The subjects arc called Bhiratis.