Atharva Veda· Atharvaveda Saṁhitā
9
अध्याय 9 / 20

Kanda 9

काण्ड 9

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पूर्ण अध्याय पाठ142 श्लोक

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अध्याय ९

श्लोक 1.1

मधुविद्या।१-२४ अथर्वा।मधु, अश्विनौ।त्रिष्टुप्, २ त्रिष्टुब्गर्भा पङ्क्तिः, ३ परानुष्टुप्, ६ यवमध्या अतिशक्वरीगर्भा महाबृहती, ७ यवमध्या अतिजागतर्भा महाबृहती, ८ बृहतीगर्भा संस्तारपङ्क्तिः, ९ पराबृहती प्रस्तारपङ्क्तिः, १० परोष्णिक्पङ्क्तिः, ११-१३, १५-१६, १८-१९ अनुष्टुप्, १४ पुर उष्णिक्, १७ उपरिष्टाद्विराड् बृहती, २० भुरिग्विष्टारपङ्क्तिः, २१ एकावसाना द्विपदार्च्यनुष्टुप्, २२ त्रिपदा ब्राह्मी पुर उष्णिक्, २३ द्विपदा आर्ची पङ्क्तिः, २४ त्र्यवसाना षट् पदाष्टिः।दि॒वस्पृ॑थि॒व्या अ॒न्तरि॑क्षात् समु॒द्राद॒ग्नेर्वाता॑न्मधुक॒शा हि ज॒ज्ञे।तां चा॑यि॒त्वामृतं॒ वसा॑नां हृ॒द्भिः प्र॒जाः प्रति॑ नन्दन्ति॒ सर्वाः॑

madhuvidyā| 1-24 atharvā| madhu, aśvinau| triṣṭup, 2 triṣṭubgarbhā paṅktiḥ, 3 parānuṣṭup, 6 yavamadhyā atiśakvarīgarbhā mahābṛhatī, 7 yavamadhyā atijāgatarbhā mahābṛhatī, 8 bṛhatīgarbhā saṃstārapaṅktiḥ, 9 parābṛhatī prastārapaṅktiḥ, 10 paroṣṇikpaṅktiḥ, 11-13, 15-16, 18-19 anuṣṭup, 14 pura uṣṇik, 17 upariṣṭādvirāḍ bṛhatī, 20 bhurigviṣṭārapaṅktiḥ, 21 ekāvasānā dvipadārcyanuṣṭup, 22 tripadā brāhmī pura uṣṇik, 23 dvipadā ārcī paṅktiḥ, 24 tryavasānā ṣaṭ padāṣṭiḥ| divaspṛthivyā antarikṣāt samudrādagnervātānmadhukaśā hi jajñe| tāṃ cāyitvāmṛtaṃ vasānāṃ hṛdbhiḥ prajāḥ prati nandanti sarvāḥ

हिन्दी अर्थ

कां० ९ ।सू्०३ प्रथवंवेद-भाष्य ३५ परिमिताम्) तथा सव भ्रोर से मापी गई, शाला को (विचृतामसि) हम विशेषतया प्रथित करते हैँ । (विरश्ववारायाः) सब श्रोर द्वारो वालीया सब श्रोर सेभ्रावृत हई (शालायाः) शालाके (नद्धानि) बन्धनो को (विचृतामसि) विशेषतया हम ग्रथित करते ह । उपमिताम् =शाला के निर्माण मे उपमारूप, श्रादशरूपः। प्रतिमि-

English

A glorification of the Asvins’ whip and a prayer for blessings The Asvins’ Honey-whip was born from heaven and earth, from middle air, and ocean, and

अध्याय ९

श्लोक 1.2

म॒हत् पयो॑ वि॒श्वरू॑पमस्याः समु॒द्रस्य॑ त्वो॒त रेत॑ आहुः ।यत॒ ऐति॑ मधुक॒शा ररा॑णा॒ तत् प्रा॒णस्तद॒मृतं॒ निवि॑ष्टम्

mahat payo viśvarūpamasyāḥ samudrasya tvota reta āhuḥ | yata aiti madhukaśā rarāṇā tat prāṇastadamṛtaṃ niviṣṭam

हिन्दी अर्थ

(तस्मे) उसके लिये (नमः) ्रन्न प्रदान करते है (च) ्रौर (दात्रे) देने वाले (शालापतये) शाला के स्वामी के लिये (नमः कृण्मः) हम भ्रन्न हे (ते) दे शाला ! तेरे (प्रचरते ) तथा प्रत्येक चलते-फिरतं (पुरुषाय) पुरुष के लिये (नमः ) श्रन्न प्रदान करते ह । कां० € । सू०३ ग्रथवेवेद-भाष्य ३६

English

On whom, well-fed, the Waters wait in worship, and steers and self-refulgent bulls attend her. For thee, for one like thee down pour the Waters, and cause desire and strength to rain upon

अध्याय ९

श्लोक 1.3

पश्य॑न्त्यस्याश्चरि॒तं पृ॑थि॒व्यां पृथ॒ङ् नरो॑ बहु॒धा मीमां॑समानाः ।अ॒ग्नेर्वाता॑न्मधुक॒शा हि ज॒ज्ञे म॒रुता॑मु॒ग्रा न॒प्तिः

paśyantyasyāścaritaṃ pṛthivyāṃ pṛthaṅ naro bahudhā mīmāṃsamānāḥ | agnervātānmadhukaśā hi jajñe marutāmugrā naptiḥ

हिन्दी अर्थ

(णैः) फूस द्वारा (ब्रावृता) छन्त पर ढको हुई, (पलदान् वसाना) पलदों की ग्रोढनी श्रो हई (शाला) याला, (रात्रीव) रात्री के स्थित हृई है, (पती) पैरो वाली (हस्तिनी) हथिनी (इव ) के सदुश । शाला को पैरों वाली हथिनी से उपमित किया है । इस द्वारा सम्भवतः यह सूचित किया है किशालाकेभीपेरदहं। येपेर सम्भवतः चक्रैः प्रहिये है, जिन पर शाला खड़ी को गई है,ताकि जहां चाहं शाला को चला- कर ले जाया जा सके (२४) । ग्रन्यथा “हस्तिनीव'' इतना कहना ही पर्याप्त था । 'पद्रति° द्वारा हथिनी, तथा शाला की, गति को सूचित

English

Bringing milk, Agni! have I come: splendour and strength bestow on me! Grant me, O Agni, splendid strength, and progeny, and length- ened life.

अध्याय ९

श्लोक 1.4

मा॒तादि॒त्यानां॑ दुहि॒ता वसू॑नां प्रा॒णः प्र॒जाना॑म॒मृत॑स्य॒ नाभिः॑ ।हिर॑ण्यवर्णा मधुक॒शा घृ॒ताची॑ म॒हान् गर्भ॑श्चरति॒ मर्त्ये॑षु

mātādityānāṃ duhitā vasūnāṃ prāṇaḥ prajānāmamṛtasya nābhiḥ | hiraṇyavarṇā madhukaśā ghṛtācī mahān garbhaścarati martyeṣu

हिन्दी अर्थ

(वसाना), ्रतः इन दो स्थानो मे “पलद” शब्द भिन्नाथक है । वसाना प्रथवा पलदों का वस्त्र पहने हुई १, इस द्वारा संम्भवतः यह् भो सूचित कियादहै कि शाला चार खम्भों पर खड़ी करनी चाहिए जैसे फ हथिनी चारर्टागों पर खड़ी होतीटै। तथा गति के निये शाला के खम्भों के नीचे पैर भी होने चाहिए । इस शालाके निर्माण में ईट का प्रयोग नहीं हुम्रा । प्राच्छादन से रहित करता हुभ्रा म गृहपति , (विचृतामि पूनः ग्रथित

English

May the Gods know me as I am, may Indra with the Rishis know. As honey-bees collect and add fresh honey to their honey store,

अध्याय ९

श्लोक 1.5

मधोः॒ कशा॑मजनयन्त दे॒वास्तस्या॒ गर्भो॑ अभवद् वि॒श्वरू॑पः ।तं जा॒तं तरु॑णं पिपर्ति मा॒ता स जा॒तो विश्वा॒ भुव॑ना॒ वि च॑ष्टे

madhoḥ kaśāmajanayanta devāstasyā garbho abhavad viśvarūpaḥ | taṃ jātaṃ taruṇaṃ piparti mātā sa jāto viśvā bhuvanā vi caṣṭe

हिन्दी अर्थ

प्रातःकाल उसे खोल देने का कथन हरा है । कौरिक सूत्र ६६।२४मे द्वार तथा निमित हई (शालाम्) शाला को, (ग्रमृतौ) मरने से बचाने वाले कुखाये ऽधि कराय कोश कोशः समुंञ्नितः ।

English

Even so may both the Asvins lay splendour and strength within my soul. As over honey flies besmear this honey which the bees have made,

अध्याय ९

श्लोक 1.6

कस्तं प्र वे॑द॒ क उ॒ तं चि॑केत॒ यो अ॑स्या हृ॒दः क॒लशः॑ सोम॒धानो॒ अक्षि॑तः ।ब्र॒ह्मा सु॑मे॒धाः सो अ॑स्मिन् मदेत

kastaṃ pra veda ka u taṃ ciketa yo asyā hṛdaḥ kalaśaḥ somadhāno akṣitaḥ | brahmā sumedhāḥ so asmin madeta

हिन्दी अर्थ

(कुलायेऽधि) जसे घोसले पर (कुलायाम्) घोंसला, वैसे (कोशे) कोडा पर ( कोरः ) कोश (समुन्जितः) रखा गया है । (तत्र) उस वीच के कोश २. श्रोषधिगृह जहां ्रोषधियों का संग्रह किया जाय

English

So may both Asvins lay in me splendour and strength and power and might. May all the sweetness that is found in hills and mountains, steeds and kine,

अध्याय ९

श्लोक 1.7

स तौ प्र वे॑द॒ स उ॒ तौ चि॑केत॒ याव॑स्याः॒ स्तनौ॑ स॒हस्र॑धारा॒वक्षि॑तौ ।ऊर्जं॑ दुहाते॒ अन॑पस्फुरन्तौ

sa tau pra veda sa u tau ciketa yāvasyāḥ stanau sahasradhārāvakṣitau | ūrjaṃ duhāte anapasphurantau

हिन्दी अर्थ

चार कोनों वाली तथा सब श्रौर चक्रों वाली शाला . (देखो मन्त्र १७) । चार खम्भो पर खड़ी होने के कारण शाला चतुः सक्ति है। कां० € ।सू०३ श्रथवेवेद-भाष्य ४२ कमरे के मध्यमे निमित कमरे को कोश कहा है । को भ्र्थात् खजाने की सुरक्षा में लिये कमरे से कमरा चाहिए । इस प्रकार कमरे के भीतर का

English

And wine that floweth from the cup,—may all that sweetness be in me. May both the Asvins, Lords of Light, balm me with honey of the bees,

अध्याय ९

श्लोक 1.8

हि॒ङ्करि॑क्रती बृह॒ती व॑यो॒धा उ॒च्चैर्घो॑षा॒भ्येति॒ या व्र॒तम्।त्रीन् घ॒र्मान॒भि वा॑वशा॒ना मिमा॑ति मा॒युं पय॑ते॒ पयो॑भिः

hiṅkarikratī bṛhatī vayodhā uccairghoṣābhyeti yā vratam| trīn gharmānabhi vāvaśānā mimāti māyuṃ payate payobhiḥ

हिन्दी अर्थ

वाली, (या) जो (षट्पक्ष) छः पक्षो वाली (निमीयते) निमित की जाती गरभेस्थिशु माता के गभेमेसोताहै। करि इतनी बडी शाला को तोड़े विना यह “श्रमृत्र” ( १४) तथा “प्रकामं भरामसि (२४) के श्रनुसार स्थानान्तरित कंसे किया जा सकता है ? इसका उत्तर यह है कि शाला “पद्वती” है । पदयो वाली है । जसे पियो वाली रेलगाड़ी एक स्थान से दूसरे स्थान मे जाती है वैसे पियो वाली श्ालाभी

English

That I may speak among the folk words full of splendour and of strength.

अध्याय ९

श्लोक 1.9

यामापी॑नामुप॒सीद॒न्त्यापः॑ शाक्व॒रा वृ॑ष॒भा ये स्व॒राजः॑ ।ते व॑र्षन्ति॒ ते व॑र्षयन्ति त॒द्विदे॒ काम॒मूर्ज॒मापः॑

yāmāpīnāmupasīdantyāpaḥ śākvarā vṛṣabhā ye svarājaḥ | te varṣanti te varṣayanti tadvide kāmamūrjamāpaḥ

हिन्दी अर्थ

पियं वाली शाला को इन्द्राग्नी सुरक्षित करे । इसलिये शाला मे लगे ४४ ग्रथववेद-भाष्य कां० € । सू०३ (्रहिसतीम्) हिसा न करने वाली रथात् रक्षा करने वानी,

English

The thunder is thy voice, O Lord of Creatures: a Bull, thou castest strength on earth and heaven.

अध्याय ९

श्लोक 1.10

स्त॒न॒यि॒त्नुस्ते॒ वाक् प्र॑जापते॒ वृषा॒ शुष्मं॑ क्षिपसि॒ भूम्या॒मधि॑ ।अ॒ग्नेर्वाता॑न्मधुक॒शा हि ज॒ज्ञे म॒रुतामु॒ग्रा न॒प्तिः

stanayitnuste vāk prajāpate vṛṣā śuṣmaṃ kṣipasi bhūmyāmadhi | agnervātānmadhukaśā hi jajñe marutāmugrā naptiḥ

हिन्दी अर्थ

प्रतिच्छाया रूप (1772826) दहै, परस्पर सदुदा ह। विश्ववारायाः; = होता है । राला को स्थानान्तरित करना है (२४), इसलिये इसके बन्धनो को भ्रधिक ग्रथित करने का विधान हुभ्रा है (विदववारे) है सब श्रोर द्वारो वालीया सबभ्रोर से श्रावृत हुई

English

from fire and wind. All living creatures welcome it with joyful hearts, fraught with the store of Amrit it hath

अध्याय ९

श्लोक 1.11

यथा॒ सोमः॑ प्रातःसव॒ने अ॒श्विनो॒र्भव॑ति प्रि॒यः ।ए॒वा मे॑ अश्विना॒ वर्च॑ आ॒त्मनि॑ ध्रियताम्

yathā somaḥ prātaḥsavane aśvinorbhavati priyaḥ | evā me aśvinā varca ātmani dhriyatām

हिन्दी अर्थ

(पारः ग्रन्थिः कृतः) पाश प्रौर गांठ कौ गई है (तत्) उसे (वाचा) विगत मँ करता हूं, उसे सुदुढ़ करता हु, (इव ) अंसे करि (बृहस्पतिः) निज आ य॑याम् सं ब॑वहे प्रन्थीरच॑कार ते दृढान् ।

English

gathered up. They call thee earth’s great strength in every form, they call thee too the ocean’s genial seed.

अध्याय ९

श्लोक 1.12

यथा॒ सोमो॑ द्वि॒तीये॒ सव॑न इन्द्रा॒ग्न्योर्भव॑ति प्रि॒यः ।ए॒वा म॑ इन्द्राग्नी॒ वर्च॑ आ॒त्मनि॑ ध्रियताम्

yathā somo dvitīye savana indrāgnyorbhavati priyaḥ | evā ma indrāgnī varca ātmani dhriyatām

हिन्दी अर्थ

(श्रा ययाम) जिसने फलाया है, (सं बबहं) आच्छादित कियादहै, श्रौर जानने वाला वैद्य (परूषि) शरीरके ्रंगों को काटता ग्रौर जोड़ देता है । ३६ श्रथववेद-भाष्य कां० ६।.स्० ३

English

Whence comes the Honey-whip bestowing bounty, there Vital Spirit is, and Amrit treasured.

अध्याय ९

श्लोक 1.13

यथा॒ सोम॑स्तृ॒तीये॒ सव॑न ऋभू॒णां भव॑ति प्रि॒यः ।ए॒वा म॑ ऋभवो॒ वर्च॑ आ॒त्मनि॑ ध्रियताम्

yathā somastṛtīye savana ṛbhūṇāṃ bhavati priyaḥ | evā ma ṛbhavo varca ātmani dhriyatām

हिन्दी अर्थ

शाला ! (ते) तेरे (वंशानाम्) वांसो के, (नहनानाम्) वन्धनों के, के कमरों के (नद्धानि) बन्धनों को (वि चृतामसि) हम विशेषरूप मे प्रथित नहन, प्राणाह् =शाला को दुद् वांघने के उपकरण विशेष ह । दोनों

English

In sundry spots, repeatedly reflecting, men view upon the earth: her course and action; For she, the first-born daughter of the Maruts, derives her origin from Wind and Agni.

अध्याय ९

श्लोक 1.14

मधु॑ जनिषीय॒ मधु॑ वंसिषीय ।पय॑स्वानग्न॒ आग॑मं॒ तं मा॒ सं सृ॑ज॒ वर्च॑सा

madhu janiṣīya madhu vaṃsiṣīya | payasvānagna āgamaṃ taṃ mā saṃ sṛja varcasā

हिन्दी अर्थ

वन्धनों को (विचृतामसि) विशेषतया हम ग्रथित करते र्हू। किराये की शाला मे निवास "मान" का चिह्न नहीं । पल्या+=पत्नी का ग्रतः वैदिक पद यौगिक है । "पत्नी" पद “पा रक्षणे'कारूप है । श्रथवा “पत्नी की तरह रक्षा करने वाली । उपमावाचक पद लुष्त है। संदंशा- नाम् = सण्डाशियां या 0वाणाऽ । पलदानाम् = पल, घटिका, मूहृतं श्रादि प्रद्क यन्त्र । 0291708 (पाहू, कोनिया) ।

English

Daughter of Vasus, mother of Ādityas, centre of Amrit breath of living creatures. The Honey-whip, gold-coloured, dropping fatness, moves as a mighty embryo ‘mid mortals.

अध्याय ९

श्लोक 1.15

सं मा॑ग्ने॒ वर्च॑सा सृज॒ सं प्र॒जया॒ समायु॑षा ।वि॒द्युर्मे॑ अ॒स्य दे॒वा इन्द्रो॑ विद्यात् स॒ह ऋषि॑भिः

saṃ māgne varcasā sṛja saṃ prajayā samāyuṣā | vidyurme asya devā indro vidyāt saha ṛṣibhiḥ

हिन्दी अर्थ

जो छिवके (ग्रावेधुः) उन्होने बान्धे है (तानि) उन (ते) तेरे चक्कं को कां० । सू०३ ग्रथवेवेद-भाष्य ३५ करने वाली शाला ! (उदिता त्वम्) ऊंची निर्मित हई तू (नः तन्वे) हमारे शरीरों के लिये (शिवा भव) कल्याणकारिणी हौ । सदनम्) पत्नियों का निवास स्थान, (सदः) बेटक, (देवानाम्

English

The deities begat the Whip of Honey: her embryo assumed all forms and fashions. The mother nourishes that tender infant which at its birth looks on all worlds and beings.

अध्याय ९

श्लोक 1.16

यथा॒ मधु॑ मधु॒कृतः॑ सं॒भर॑न्ति॒ मधा॒वधि॑ ।ए॒वा मे॑ अश्विना॒ वर्च॑ आ॒त्मनि॑ ध्रियताम्

yathā madhu madhukṛtaḥ saṃbharanti madhāvadhi | evā me aśvinā varca ātmani dhriyatām

हिन्दी अर्थ

पत्नीनाम् = इस पद द्वारा संयुक्त पारिवारिक जीवन को सुचित किया है, जिसमें कि भाइयों, चचा, ताया श्रादि की पत्नियां एकट्री रहती हँ । (विष्वति) विविष प्राणियों को पेदा करने वाली ह शाला ! (सह- जो वेदमें कथितहृग्रारहै, उसे (वि चृतामसि) हम विशेषतया ग्रथित

English

Who understandeth well, who hath perceived it, her heart’s un- injured Soma-holding beaker? Let the wise Brāhman priest therein be joyful.

अध्याय ९

श्लोक 1.17

यथा॒ मक्षाः॑ इ॒दं मधु॑ न्य॒ञ्जन्ति॒ मधा॒वधि॑ ।ए॒वा मे॑ अश्विना॒ वर्च॒स्तेजो॒ बल॒मोज॑श्च ध्रियताम्

yathā makṣāḥ idaṃ madhu nyañjanti madhāvadhi | evā me aśvinā varcastejo balamojaśca dhriyatām

हिन्दी अर्थ

(शाले) है शाला ! (यः त्वा प्रति गृह्टयति) जो तेराग्रहण करतारहै, पत्नि) है मान की रक्षा करने वाली ! (उभौ तौ) वे दोनों (जीवताम्) ८ ग्रथवंवेद-भाष्य कां० € । सू०३

English

He understandeth them, he hath perceived them, her breasts that pour a thousand streams, uninjured.

अध्याय ९

श्लोक 1.18

यद् गि॒रिषु॒ पर्व॑तेषु॒ गोष्वश्वे॑षु॒ यन्मधु॑ ।सुरा॑यां सि॒च्यमा॑नायां॒ यत् तत्र॒ मधु॒ तन्मयि॑

yad giriṣu parvateṣu goṣvaśveṣu yanmadhu | surāyāṃ sicyamānāyāṃ yat tatra madhu tanmayi

हिन्दी अर्थ

करते है, ताकि (एनम्) इस ग्रहण करने वाले को तु (दृढा र ) दढ्-बद्ध शाला, दृटृ-बद्ध हुई तथा सजी-सजाई भेंट की जा रहौ है, न कि तोड-फोड रथात् दूसरे स्थान मे विना तोडे कंसे जायगी, इसके लिये देखो मन्त्र॒ १७,

English

They unreluctantly yield strength and vigour. She who with voice upraised in constant clamour, mighty, life- giving, goes unto her

अध्याय ९

श्लोक 1.19

अश्वि॑ना सार॒घेण॑ मा॒ मधु॑नाङ्क्तं शुभस्पती ।यथा॒ वर्च॑स्वतीं॒ वाच॑मा॒वदा॑नि॒ जनाँ॒ अनु॑

aśvinā sāragheṇa mā madhunāṅktaṃ śubhaspatī | yathā varcasvatīṃ vācamāvadāni janā~ anu

हिन्दी अर्थ

(शाने) है शाला ! (यः त्वा निमिमाय ) जिसनेतेरा निर्माण किया के लिये (चक्रे) निर्मित कियाहै। का उत्तराधिकार भी सूचित होता है

English

function, Bellowing to the heated three libations, suckles with streams of milk, and still is lowing.

अध्याय ९

श्लोक 1.20

स्त॒न॒यि॒त्नुस्ते॒ वाक् प्र॑जापते॒ वृषा॒ शुष्मं॑ क्षिपसि॒ भूम्यां॑ दि॒वि।तां प॒शव॒ उप॑ जीवन्ति॒ सर्वे॒ तेनो॒ सेष॒मूर्जं॑ पिपर्ति

stanayitnuste vāk prajāpate vṛṣā śuṣmaṃ kṣipasi bhūmyāṃ divi| tāṃ paśava upa jīvanti sarve teno seṣamūrjaṃ piparti

हिन्दी अर्थ

तस्मै --जिस को शाला समर्पित करनी है । ग्रग्नये भोजन काल में हम करते ह, (यत्) जोकि (शालायाम्) शाला मे (विजायते) जन्म लेता फन्दो, रस्सियो को (वि चृतामसि) हम वृढ ग्रथित करते हँ । ।

English

thee. The thunder is thy voice, O Lord of Creatures: a Bull, thou castest on the earth thy vigour.

अध्याय ९

श्लोक 1.21

पृ॒थि॒वी द॒ण्डो॒३न्तरि॑क्षं॒ गर्भो॒ द्यौः कशा॑ वि॒द्युत् प्र॑क॒शो हि॑र॒ण्ययो॑ बि॒न्दुः

pṛthivī daṇḍo3ntarikṣaṃ garbho dyauḥ kaśā vidyut prakaśo hiraṇyayo binduḥ

हिन्दी अर्थ

ञग्निमन्तश्छादयसि पुरुषान् पुभिः सह । करती है । (विजावति) है विविध जीव-जन्तुग्रों वाली ! (प्रजावति) हे (विचृतामसि) हम दृढ ्रथित करते हँ ।

English

The Honey-whip, the Manus’ first-born daughter, derives her origin from Wind and Agni. As at the morning sacrifice the Asvins twain love Soma well,

अध्याय ९

श्लोक 1.22

यो वै कशा॑याः स॒प्त मधू॑नि॒ वेद॒ मधु॑मान् भवति ।ब्रा॒ह्म॒णश्च॒ राजा॑ च धे॒नुश्चा॑न॒ड्वांश्च॑ व्री॒हिश्च॒ यव॑श्च॒ मधु॑ सप्त॒मम्

yo vai kaśāyāḥ sapta madhūni veda madhumān bhavati | brāhmaṇaśca rājā ca dhenuścānaḍvāṃśca vrīhiśca yavaśca madhu saptamam

हिन्दी अर्थ

४० ग्रथवेवेद-भाष्य कां ६ ।सू० ३ के लिये (उदरम्) उदररूप (क्वे) करता हूं । (तेन) इस लिये (तस्मे) उस उदरीकरण के निमित्त (शालाम् प्रति गृहामि) म शाला को स्वीकार मन्त्र मे शाला की ऊंचाई तथा लम्बाई-चौड़ाई का वणेन, रूपकालंकार

English

Even so may both the Asvins lay splendour and strength within my soul. As at the second sacrifice Indra and Agni love him well,

अध्याय ९

श्लोक 1.23

मधु॑मान् भवति॒ मधु॑मदस्याहा॒र्यंऽ भवति ।मधु॑मतो लो॒कान् ज॑यति॒ य ए॒वं वेद॑

madhumān bhavati madhumadasyāhāryaṃ' bhavati | madhumato lokān jayati ya evaṃ veda

हिन्दी अर्थ

छत्र को दयौः, ग्रौरश्राघार भूमिको पृथिवी, तथा बीचकेखाली भाग कौ ग्रन्तरिक्न कहा है । होता है खजाना, जिसमें कि सुखदायी वस्तुएं सम्भाल कर रखी जाती हं । प्रादि सब शेवधियां हँ । इन्द सुरक्षित रूपमे शालाक उदर में रखने का

English

Let the pair, Indra Agni, lay splendour and strength within my soul. As at third sacrifice Soma is the Ribhus’ well-beloved one,

अध्याय ९

श्लोक 1.24

यद् वी॒ध्रे स्त॒नय॑ति प्र॒जाप॑तिरे॒व तत् प्र॒जाभ्यः॑ प्रा॒दुर्भ॑वति ।तस्मा॑त् प्राचीनोपवी॒तस्ति॑ष्ठे॒ प्रजा॑प॒तेऽनु॑ मा बुध्य॒स्वेति॑ ।अन्वे॑नं प्र॒जा अनु॑ प्र॒जाप॑तिर्बुध्यते॒ य ए॒वं वेद॑

yad vīdhre stanayati prajāpatireva tat prajābhyaḥ prādurbhavati | tasmāt prācīnopavītastiṣṭhe prajāpate'nu mā budhyasveti | anvenaṃ prajā anu prajāpatirbudhyate ya evaṃ veda

हिन्दी अर्थ

वैसे ही गृह की निधियां मी शाला के उदर में रखी गयी सुरक्षित रहती ट ग्रहीता इन निधियों की सुरक्षा के लियेशाला को स्वीकृत करता है । को (बिभ्रती) धारण करती हुई (शाले) है शाला (प्रतिगृह्णतः) ग्रहण करते व्राले की (मा हिसीः) तू हिसा न कर। । कां० € 1 सू० ३ ग्रथवेवेद-भाष्य ४१

English

Even so may they, the Ribhus, store splendour and strength within my soul. Fain would I bring forth sweetness, fain would make it mine.

अध्याय ९

श्लोक 2.1

कामः १-२५ अथर्वा।कामः।त्रिष्टुप्, ५ अतिजगती, ७, १४-१५, १७-१८, २१-२२ जगती, ८ द्विपदा आर्षी पङ्क्तिः ११, २०, २३ भुरिक्, १२ अनुष्टुप्, १३ द्विपदार्ची अनुष्टुप्, १६ चतुष्पदा शक्वरीगर्भा परा जगती।स॒प॒त्न॒हन॑मृष॒भं घृ॒तेन॒ कामं॑ शिक्षामि ह॒विषाज्ये॑न ।नी॒चैः स॒पत्ना॒न् मम॑ पादय॒ त्वम॒भिष्टु॑तो मह॒ता वी॒र्येऽण

kāmaḥ 1-25 atharvā| kāmaḥ| triṣṭup, 5 atijagatī, 7, 14-15, 17-18, 21-22 jagatī, 8 dvipadā ārṣī paṅktiḥ 11, 20, 23 bhurik, 12 anuṣṭup, 13 dvipadārcī anuṣṭup, 16 catuṣpadā śakvarīgarbhā parā jagatī| sapatnahanamṛṣabhaṃ ghṛtena kāmaṃ śikṣāmi haviṣājyena | nīcaiḥ sapatnān mama pādaya tvamabhiṣṭuto mahatā vīrye'ṇa

हिन्दी अर्थ

साथ (गृहान्) घरों मेँ (उप सीदामि) उपस्थित होता हं, तथा (प्रसीदामि) घर से बाहिरि जबजायतो घर कीश्रोर पीठ करताहृश्रान जाय वुभूर्मिव' ता श्ाटे यत्काम भरामसि ॥२५॥ (नः) हमारे (पाशम्) पाशो को (मा प्रति मुचः) ढीला न कर, (गुरः

English

To that all cattle look for their existence: with this she nourishes their force and vigour. The Whip itself is Heaven, Earth is the handle, the point of juncture is the Air’s mid-region.

अध्याय ९

श्लोक 2.2

यन्मे॒ मन॑सो॒ न प्रि॒यं चक्षु॑षो॒ यन्मे॒ बभ॑स्ति॒ नाभि॒नन्द॑ति ।तद् दु॒ष्वप्न्यं॒ प्रति॑ मुञ्चामि स॒पत्ने॒ कामं॑ स्तु॒त्वोद॒हं भि॑देयम्

yanme manaso na priyaṃ cakṣuṣo yanme babhasti nābhinandati | tad duṣvapnyaṃ prati muñcāmi sapatne kāmaṃ stutvodahaṃ bhideyam

हिन्दी अर्थ

देवानां माग उपनाह एषो पां रसो ओष॑धीनां रतस्य । (एषः) यह् परमेरवर (देवानाम्) दिन्य जनों का (मागः) भजनीय खि है, (उपनाह.) यह जगत् के घटकों को परस्पर बान्धता है, थवा भजन

English

Drive them away, drive them afar, O Kāma; indigence fall on those who are my foemen! When they have been cast down to deepest darkness, consume their dwellings with thy fire,

अध्याय ९

श्लोक 2.3

दु॒ष्वप्न्यं॑ काम दुरि॒तं च॑ कामाप्र॒जस्ता॑मस्व॒गता॒मव॑र्तिम्।उ॒ग्र ईशा॑नः॒ प्रति॑ मुञ्च॒ तस्मि॒न् यो अ॒स्मभ्य॑मंहूर॒णा चिकि॑त्सात्

duṣvapnyaṃ kāma duritaṃ ca kāmāprajastāmasvagatāmavartim| ugra īśānaḥ prati muñca tasmin yo asmabhyamaṃhūraṇā cikitsāt

हिन्दी अर्थ

रूप है । बृहस्पतिः = बृहतः गोवंशस्य पतिः वह् मानो (एकमुखसे प्रकट हु ई (सहस्रम्) हजारों वेदवाणियोौं का (ददाति) प्रदान करता है । वनाता है; श्रथवा “पयः का प्रथेहै वेदवाणियों का ज्ञान रूपी

English

dwellings. Slay those who are mine enemies, O Kāma: headlong to depth of blinding darkness hurl

अध्याय ९

श्लोक 2.4

नु॒दस्व॑ काम॒ प्र णु॑दस्व का॒माव॑र्तिं यन्तु॒ मम॒ ये स॒पत्नाः॑ ।तेषां॑ नु॒त्ताना॑मध॒मा तमां॒स्यग्ने॒ वास्तू॑नि॒ निर्द॑ह॒ त्वम्

nudasva kāma pra ṇudasva kāmāvartiṃ yantu mama ye sapatnāḥ | teṣāṃ nuttānāmadhamā tamāṃsyagne vāstūni nirdaha tvam

हिन्दी अर्थ

लिये वेदवाणी को “धेनुः? कहते है शर्थात् ज्ञान-दुग्ध पिलाने वाली गौः। ““घेनुः वाड नाम", (निषं० १।११) । निरुक्तकार यास्काचायं वेद-घेनु के हुति, साक्षात् कराने क लिये पर्याप्त होती है । ५४ ग्रथवेवेद-भाष्य कां० € । सु०

English

them. Reft be they all of manly strength and vigour! Let them not have a single day’s existence.

अध्याय ९

श्लोक 2.5

सा ते॑ काम दुहि॒ता धे॒नुरु॑च्यते॒ यामा॒हुर्वाचं॑ क॒वयो॑ वि॒राज॑म्।तया॑ स॒पत्ना॑न् परि॑ वृङ्ग्धि॒ ये मम॒ पर्ये॑नान् प्रा॒णः प॒शवो॒ जीव॑नं वृणक्तु

sā te kāma duhitā dhenurucyate yāmāhurvācaṃ kavayo virājam| tayā sapatnān pari vṛṅgdhi ye mama paryenān prāṇaḥ paśavo jīvanaṃ vṛṇaktu

हिन्दी अर्थ

वह् दिव्य तो वन ही जायगा, षेनुः (ऋ० १०।७१।५), धेनु को व्याख्या इन्दं “एकमुखाः'” कहा है । वेदवाणियों का तात्पयं है सुख्यरूप से परमेडवर कानाम या साक्षात्कार । तभी ऋण्वेदमें कहा है कि यस्तं न वेव किभचा को नहीं जानता उसे वेद पठने से क्या लाभ हूश्रा । जिसने ब्रह्मोपासक को

English

Kāma hath slain those who were mine opponents, and given me ample room to grow and prosper.

अध्याय ९

श्लोक 2.6

काम॒स्येन्द्र॑स्य॒ वरु॑णस्य॒ राज्ञो॒ विष्णो॒र्बले॑न सवि॒तुः स॒वेन॑ ।अ॒ग्नेर्हो॒त्रेण॒ प्र णु॑दे स॒पत्नां॑छ॒म्बीव॒ नाव॑मुद॒केषु॒ धीरः॑

kāmasyendrasya varuṇasya rājño viṣṇorbalena savituḥ savena | agnerhotreṇa pra ṇude sapatnāṃchambīva nāvamudakeṣu dhīraḥ

हिन्दी अर्थ

प्रदान कर दिया । वेदमन्वर लगभग बीस हजार हैँ । होने से दुग्ध का स्वामी है। जिसने बेल का दान किया उसने मानों सदृश मुखो-वाली हजारौ गौग्रो का प्रदान किया। गोवंश परम्पराकौ दृष्टिसे एक बैल हजारो गौग्रों को पेदा करता है परमेश्वर ने (ते) तेरे लिये (वयः) ग्रन्न का (दधौ) पोषण किया दहै, तथा

English

Let the four regions bow them down before me, and let the six expanses bring me fatness. Let them drift downward like a boat torn from the rope that held it fast.

अध्याय ९

श्लोक 2.7

अध्य॑क्षो वा॒जी मम॑ काम॑ उ॒ग्रः कृ॒णोतु॒ मह्य॑मसप॒त्नमे॒व।विश्वे॑ दे॒वा मम॑ ना॒थं भ॑वन्तु॒ सर्वे॑ दे॒वा हव॒मा य॑न्तु म इ॒मम्

adhyakṣo vājī mama kāma ugraḥ kṛṇotu mahyamasapatnameva| viśve devā mama nāthaṃ bhavantu sarve devā havamā yantu ma imam

हिन्दी अर्थ

(त्वा) तुभो लक्ष्य करके, (जुहोमि) तेरे उदरमें ्रन्नाहुतियांदेताहू, (बहिः) वृद्धिकारक (स्ताम्) हं । प्राकृतिक शक्तियो हारा उसके शरीर को धारित तथा परिपृष्ट किया है । परमेश्वर ने यह श्र “श्राहुति'" रूप मे दिया है । रतः मनुष्य, निज जीवन

English

There is no turning back for those whom our keen arrows have repelled. 139

अध्याय ९

श्लोक 2.8

इ॒दमाज्यं॑ घृ॒तव॑ज्जुषा॒णाः काम॑ज्येष्ठा इ॒ह मा॑दयध्वम्।कृ॒ण्वन्तो॒ मह्य॑मसप॒त्नमे॒व

idamājyaṃ ghṛtavajjuṣāṇāḥ kāmajyeṣṭhā iha mādayadhvam| kṛṇvanto mahyamasapatnameva

हिन्दी अर्थ

प्रौर लोभरूप से नहीं । एता करने पर द्याव! पृथिवी दोनो, उसकी वृद्धि के कां० € । सू ४ ग्रथवेवेद-भाष्य ५५ गौग्रों मे, (विवावदत्) विविध प्रकारसे बोलता हरा (एति) प्रातादहै,

English

Agni averts, Indra averts, and Soma: may the averting Gods avert this foeman. To be avoided by his friends, detested, repelled, with few men round him, let him wander.

अध्याय ९

श्लोक 2.9

इ॒न्द्रा॒ग्नी का॑म स॒रथं॒ हि भू॒त्वा नी॒चैः स॒पत्ना॒न् मम॑ पादयाथः ।तेषां॑ प॒न्नाना॑मध॒मा तमां॒स्यग्ने॒ वास्तू॑न्यनु॒निर्द॑ह॒ त्वम्

indrāgnī kāma sarathaṃ hi bhūtvā nīcaiḥ sapatnān mama pādayāthaḥ | teṣāṃ pannānāmadhamā tamāṃsyagne vāstūnyanunirdaha tvam

हिन्दी अर्थ

मे देवों मे विविध प्रकार से बोलता हु्रा, कडकड़ाता हुग्रा प्राता है । ऋषभ ञष्ठीवन्तांवव्रवीन्मि्ो पतेत केवलादिति ॥१२॥ मित्र ने कहा कि (एतौ श्रष्टठीवन्तौ) ये दो घटने (केवलौ ) केवल (मम)

English

Yea, on the earth descend the lightning-flashes: may the strong God destroy your adversaries.

अध्याय ९

श्लोक 2.10

ज॒हि त्वं का॑म॒ मम ये स॒पत्ना॑ अ॒न्धा तमां॒स्यव॑ पादयैनान्।निरि॑न्द्रिया अर॒साः स॑न्तु॒ सर्वे॒ मा ते॑ जी॑विषुः कत॒मच्च॒नाहः॑

jahi tvaṃ kāma mama ye sapatnā andhā tamāṃsyava pādayainān| nirindriyā arasāḥ santu sarve mā te jīviṣuḥ katamaccanāhaḥ

हिन्दी अर्थ

१. वधू की उपमा यह दशनि के लियेदीदहैकि जसे वधू पहतीदहै,भ्रौर पैरों कां० ९ । सूं० ‰ ग्रथवेवेद-भाष्य ४१५ भारः) भारी भार (लघुः भव) हल्का हो जाय् । (शाले) ट शाला पाशम् = हमने जो पाश तुभ पर बान्धे ह उन्हे तू ढीला न कर, जव करि

English

The lash is lightning, and the tip is golden. Whoever knows the Whip’s seven kinds of honey, becomes himself a man endowed with

अध्याय ९

श्लोक 2.11

अव॑धी॒त् कामो॒ मम॒ ये स॒पत्ना॑ उ॒रुं लो॒कम॑कर॒न्मह्य॑मेध॒तुम्।मह्यं॑ नमन्तां प्र॒दिश॒श्चत॑स्रो॒ मह्यं॒ षडु॒र्वीर्घृ॒तमा व॑हन्तु

avadhīt kāmo mama ye sapatnā uruṃ lokamakaranmahyamedhatum| mahyaṃ namantāṃ pradiśaścatasro mahyaṃ ṣaḍurvīrghṛtamā vahantu

हिन्दी अर्थ

(प्राच्याः दिशः) पूवं दिशा से,(शालायाः महिम्ने) शाला के महत्व या महिमा के लिये (नमः) हम प्रन्नाहुतियां देते है, (स्वाह्य क 9 प्रवेक, ग्रन्नाहुतियां देते हैँ । ४ शाला ग्रहण करने वाला जब शाला मे प्रवेदा करता है तव, शाला

English

sweetness. Brāhman and King, the draught-ox and the milch-cow, barley and rice, and honey is the

अध्याय ९

श्लोक 2.12

तेऽध॒राञ्चः॒ प्र प्ल॑वन्तां छि॒न्ना नौरि॑व॒ बन्ध॑नात्।न साय॑कप्रणुत्तानां॒ पुन॑रस्ति नि॒वर्त॑नम्

te'dharāñcaḥ pra plavantāṃ chinnā nauriva bandhanāt| na sāyakapraṇuttānāṃ punarasti nivartanam

हिन्दी अर्थ

दक्षिण दिशा से, शाला के महत्त्व" या महिमा के लिये हम ्रन्नाहुतियां २. शाला के परिमाण कीदुष्टिसे। ३. याला प्रवेश संस्कार मे जिस-जिस दिशा के जो-जोौ देव है उनके प्रति । ४६ प्रथवेवेद-भाष्य कां € । सू०३

English

seventh. Sweet is the man, sweet are his goods and chattels: he who knows this conquers the worlds of

अध्याय ९

श्लोक 2.13

अ॒ग्निर्यव॒ इन्द्रो॒ यवः॒ सोमो॒ यवः॑ ।य॒व॒यावा॑नो दे॒वा या॑वयन्त्वेनम्

agniryava indro yavaḥ somo yavaḥ | yavayāvāno devā yāvayantvenam

हिन्दी अर्थ

परिचम दिशासे, शाला के महत्त्व या महिमा के लिये हम भ्रन्नाहु- देवेभ्यं स्वह भ्यः ॥२९॥ प्रवा दिशा से, शाला के महत्व या महिमा के लिये हम प्रन्नाहुतियां देवेभ्यः स्व॒ भ्यः ॥३०॥ ऊर्ध्वा दिशा से छत पर जाकर , शाला के महत्व या महिमा के लिये

English

sweetness. The thundering of Prajāpati in heaven is verily manifest to living creatures.

अध्याय ९

श्लोक 2.14

अस॑र्ववीरश्चरतु॒ प्रणु॑त्तो॒ द्वेष्यो॑ मि॒त्राणां॑ परिव॒र्ग्यः॑१ स्वाना॑म्।उ॒त पृ॑थि॒व्यामव॑ स्यन्ति वि॒द्युत॑ उ॒ग्रो वो॑ दे॒वः प्र मृ॑णत् स॒पत्ना॑न्

asarvavīraścaratu praṇutto dveṣyo mitrāṇāṃ parivargyaḥ1 svānām| uta pṛthivyāmava syanti vidyuta ugro vo devaḥ pra mṛṇat sapatnān

हिन्दी अर्थ

दिशा-दिशा से, शाला के महत्व या महिमा के लिये हम प्रत्ाहुतियां (ग्रथवं० ४।३८।५) में सूर्यं को ऋषम कहा है । वाजिनीवान् का श्रथंदहै मणि को ऋषभ कहा है। इस मन्त्र मेभी ऋषभ शब्द ्रसमस्तरूपमें

English

Therefore I stand from right to left invested, and, O Prajāpati, I cry, regard me!

अध्याय ९

श्लोक 2.15

च्यु॒ता चे॒यं बृ॑ह॒त्यच्यु॑ता च वि॒द्युद् बि॑भर्ति स्तनयि॒त्नूंश्च॒ सर्वा॑न्।उ॒द्यन्ना॑दि॒त्यो द्रवि॑णेन॒ तेज॑सा नी॒चैः स॒पत्ना॑न् नुदतां मे॒ सह॑स्वान्

cyutā ceyaṃ bṛhatyacyutā ca vidyud bibharti stanayitnūṃśca sarvān| udyannādityo draviṇena tejasā nīcaiḥ sapatnān nudatāṃ me sahasvān

हिन्दी अर्थ

११से १६ में बलीवदं प्रथं मूख्यहै। ११ से १६ मन्तरं मे वलीवदंके नामहों। इसके लिये शारीरिक-विज्ञान तथादेवों के गुणकर्मो के ज्ञान की जहां “्राजुहोति'" (६,१८), तथा “जुहोमि'' (१०) पद पटिति रहै, वहां उनके श्रभिप्रायों को स्पष्ट कर दिया, है ।

English

The man who hath this knowledge is regarded by living beings and the Lord of Creatures. A glorification of Kāma as God of desire of all that is good

अध्याय ९

श्लोक 2.16

यत् ते काम॒ शर्म॑ त्रि॒वरू॑थमु॒द्भु ब्रह्म॒ वर्म॒ वित॑तमनतिव्या॒ध्यंऽ कृ॒तम्।तेन॑ स॒पत्ना॒न् परि॑ वृङ्ग्धि॒ ये मम॒ पर्ये॑नान् प्रा॒णः प॒शवो॒ जीव॑नं वृणक्तु

yat te kāma śarma trivarūthamudbhu brahma varma vitatamanativyādhyaṃ' kṛtam| tena sapatnān pari vṛṅgdhi ye mama paryenān prāṇaḥ paśavo jīvanaṃ vṛṇaktu

हिन्दी अर्थ

का श्रसिप्राय व्याख्या मे देखिये । (साहसः) हजारों शक्तियो वाला, या हजारों नक्षत्र-तारागणो का (निघं० १।१३) । दिक्षन्; ““शिक्षतिः दानकर्मा,'' (निषं० ३।२०) ।

English

Kāma the Bull, slayer of foes, I worship with molten butter, sacrifice, oblation. Beneath my feet cast down mine adversaries with thy great manly power, when I have

अध्याय ९

श्लोक 2.17

येन॑ दे॒वा असु॑रा॒न् प्राणु॑दन्त॒ येनेन्द्रो॒ दस्यू॑नध॒मं तमो॑ नि॒नाय॑ ।तेन॒ त्वं का॑म॒ मम॒ ये स॒पत्ना॒स्तान॒स्माल्लो॒कात् प्र णु॑दस्व दू॒रम्

yena devā asurān prāṇudanta yenendro dasyūnadhamaṃ tamo nināya | tena tvaṃ kāma mama ye sapatnāstānasmāllokāt pra ṇudasva dūram

हिन्दी अर्थ

श्रधिष्ठाता है परमेश्वर । उसियः = उस्राः रदिमनाम! (तिघं० १।५); य॒पांयो अग्र प्रतिमा बभूव पृभूः सर्वम पृथिवीवं देवी । त्व का (प्रतिमा) निमतिा (बभूव) हुश्रा, जो (देवी पृथिवी इव ) दिव्य गुणो वाली पृथिवी के सदृशा (सवस्मे) सव के लिये (प्रभूः) पालन करने में

English

praised thee. That which is hateful to mine eye and spirit, that harasses and robs me of enjoyment,

अध्याय ९

श्लोक 2.18

यथा॑ दे॒वा असु॑रा॒न् प्राणु॑दन्त॒ यथेन्द्रो॒ दस्यू॑नध॒मं तमो॑ बबा॒धे।तथा॒ त्वं का॑म॒ मम॒ ये स॒पत्ना॒स्तान॒स्माल्लो॒कात् णु॑दस्व दू॒रम्

yathā devā asurān prāṇudanta yathendro dasyūnadhamaṃ tamo babādhe| tathā tvaṃ kāma mama ye sapatnāstānasmāllokāt ṇudasva dūram

हिन्दी अर्थ

म प्रजा को श्रमृत परमेश्वर के पुत्र कहा है। बलीवदं मे,--“श्रपाम्'” उत्पत्ति कालसे ही जो जलों के सद (विभति) मरण-पोषण करता है । (देवयानैः पथिभिः) देवयान मार्गो द्वारा कौ उन्नति के लिये, उसके प्रति श्रपने-ध्राप को समपित किए हए है। देव-

English

The evil dream I loose upon my foemen. May I rend him when I have lauded Kāma.

अध्याय ९

श्लोक 2.19

कामो॑ जज्ञे प्रथ॒मो नैनं॑ दे॒वा आ॑पुः पि॒तरो॒ न मर्त्याः॑ ।तत॒स्त्वम॑सि॒ ज्याया॑न् वि॒श्वहा॑ म॒हांस्तस्मै॑ ते काम॒ नम॒ इत् कृ॑णोमि

kāmo jajñe prathamo nainaṃ devā āpuḥ pitaro na martyāḥ | tatastvamasi jyāyān viśvahā mahāṃstasmai te kāma nama it kṛṇomi

हिन्दी अर्थ

यानैः पथिभिः) देवजन जिन मार्गो के प्रनुसार जीवन व्यतीत करते है, उन (गगंराणाम्) गरगर शब्द करते हए, गजेते हए (महताम्) बड़ -बड मेघो ग्रामिक्षा==गमं दूध में दधि डाल कर दूषका फटा स्वरूप । गगर

English

Kāma, do thou, a mighty Lord and Ruler, let loose ill dream, misfortune, want of children, Homelessness, Kāma! utter destitution, upon the sinner who designs my ruin.

अध्याय ९

श्लोक 2.20

याव॑ती द्यावा॑पृथि॒वी व॑रि॒म्णा याव॒दापः॑ सिष्य॒दुर्याव॑द॒ग्निः ।तत॒स्त्वम॑सि॒ ज्याया॑न् वि॒श्वहा॑ म॒हांस्तस्मै॑ ते काम॒ नम॒ इत् कृ॑णोमि

yāvatī dyāvāpṛthivī varimṇā yāvadāpaḥ siṣyaduryāvadagniḥ | tatastvamasi jyāyān viśvahā mahāṃstasmai te kāma nama it kṛṇomi

हिन्दी अर्थ

(शक्रः) वह शक्तिशाली है। उस की कृपा से (यत्) जो (शरीरम्) हे परमेदवर (सोमेन पूणम्) भक्ति रस से भरे (कलशम्) हृदय कलश का (विभषि) तु भरण-पोषण करता है, (रूपाणाम्) नानाविष प्राणियों का (जनिता) जन्मदाता है। (इह याः इमाः) इस संसारमें जोये

English

O Agni. She, Kāma! she is called the Cow, thy daughter, she who is named Vāk and Virāj by sages.

अध्याय ९

श्लोक 2.21

याव॑ती॒र्दिशः॑ प्र॒दिशो॒ विषू॑ची॒र्याव॑ती॒राशा॑ अभि॒चक्ष॑णा दि॒वः ।तत॒स्त्वम॑सि॒ ज्याया॑न् वि॒श्वहा॑ म॒हांस्तस्मै॑ ते काम॒ नम॒ इत् कृ॑णोमि

yāvatīrdiśaḥ pradiśo viṣūcīryāvatīrāśā abhicakṣaṇā divaḥ | tatastvamasi jyāyān viśvahā mahāṃstasmai te kāma nama it kṛṇomi

हिन्दी अर्थ

कारिणी हो, (स्वधिते) है निजरचित संसार मेँ स्थिति वाले ! (याः ग्रमः) स्वधितिः == “स्वयं कर्माणि धत्ते" (निर० १३१४) । २ (१) । २६ बलीवदपक्षे सोम दुग्ध, कलश = स्तन (गौ के) । रूपाणाम्, पशू-

English

By her drive thou my foemen to a distance. May cattle, vital breath, and life forsake them. By Kāma’s might, King Varuna’s and Indra’s, by Vishnu’s strength, and Savitar’s instigation,

अध्याय ९

श्लोक 2.22

याव॑ती॒र्भृङ्गा॑ ज॒त्वःऽ कु॒रूर॑वो॒ याव॑ती॒र्वघा॑ वृक्षस॒र्प्योऽ बभू॒वुः ।तत॒स्त्वम॑सि॒ ज्याया॑न् वि॒श्वहा॑ म॒हांस्तस्मै॑ ते काम॒ नम॒ इत् कृ॑णोमि

yāvatīrbhṛṅgā jatvaḥ' kurūravo yāvatīrvaghā vṛkṣasarpyo' babhūvuḥ | tatastvamasi jyāyān viśvahā mahāṃstasmai te kāma nama it kṛṇomi

हिन्दी अर्थ

परमेरवर हजारों प्रकार से (पोषः) सब का परिपोषण करता है। ( तम् उ मर्थात् शरीर को पत्थर समान दृढ करनेका वणन हूृभ्राहै। , (देवाः) है दिव्य जनो । हमे (शिवः एतु) कल्याणकारी स्वरूप मेँ प्रा्त हो । नि

English

I chase my foes with sacrifice to Agni, as a deft steersman drives his boat through waters. May Kāma, mighty one, my potent warder, give me full free- dom from mine adversaries.

अध्याय ९

श्लोक 2.23

ज्याया॑न् निमिष॒तोऽसि॒ तिष्ठ॑तो॒ ज्याया॑न्त्समु॒द्राद॑सि काम मन्यो ।तत॒स्त्वम॑सि॒ ज्याया॑न् वि॒श्वहा॑ म॒हांस्तस्मै॑ ते काम॒ नम॒ इत् कृ॑णोमि

jyāyān nimiṣato'si tiṣṭhato jyāyāntsamudrādasi kāma manyo | tatastvamasi jyāyān viśvahā mahāṃstasmai te kāma nama it kṛṇomi

हिन्दी अर्थ

त ह --सम्राद् (यजु० ८।३७) । तथा सूयं सम्राट् के 0 = । ८ सथं केरूप वाला परमेश्वर यथा हारा हृदय में प्रकट करिया गयां परमेश्वर । नित से र् जो (घीरासः) मेधावी नी ध चह ।

English

May all the Deities be my protection, all Gods come nigh to this mine invocation. Accepting this oblation rich with fatness, be joyful here, ye

अध्याय ९

श्लोक 2.24

न वै वात॑श्च॒न काम॑माप्नोति॒ नाग्निः सूर्यो॒ नोत च॒न्द्रमाः॑ ।तत॒स्त्वम॑सि॒ ज्याया॑न् वि॒श्वहा॑ म॒हांस्तस्मै॑ ते काम॒ नम॒ इत् कृ॑णोमि

na vai vātaścana kāmamāpnoti nāgniḥ sūryo nota candramāḥ | tatastvamasi jyāyān viśvahā mahāṃstasmai te kāma nama it kṛṇomi

हिन्दी अर्थ

इस परगक्र करो। न) षणः) मनीषी लोगं वे एनम्) विचत् मघ्यमस्थानी है, उ्तके सा प्रथति् श्रगली दो टि वरुणकी ह, दो कन्ध स्यो च ५

English

Gods whose chief is Kāma, Giving me freedom from mine adversaries.

अध्याय ९

श्लोक 2.25

यास्ते॑ शि॒वास्त॒न्वःऽ काम भ॒द्रा याभिः॑ स॒त्यं भव॑ति॒ यद् वृ॑णी॒षे।ताभि॒ष्ट्वम॒स्माँ अ॑भि॒संवि॑शस्वा॒न्यत्र॑ पा॒पीरप॑ वेशया॒ धियः॑

yāste śivāstanvaḥ' kāma bhadrā yābhiḥ satyaṃ bhavati yad vṛṇīṣe| tābhiṣṭvamasmā~ abhisaṃviśasvānyatra pāpīrapa veśayā dhiyaḥ

हिन्दी अर्थ

पां० ६ ।सू०४ भ्रथवेवेद-भाष्य २ पण्ण मरुतो की है । इस प्रकार हैविकलूप मे इसे सम्भृत बृहस्पति प्रजाजनों के कामों में सहारा देने वाले दो वाहुभ्रों के सदुश यहं सहायक है ।

English

Ye, Indra, Agni, Kāma! come together and cast mine adver- saries down beneath me. When they have sunk into the deepest darkness, O Agni, with thy fire consume their

अध्याय ९

श्लोक 3.1

शाला।१-३१ भृग्वङ्गिराः।शाला।अनुष्टुप्, ६ पथ्यापङ्क्तिः, ७ परोष्णिक्, १५ त्र्यवसाना पञ्चपदातिशक्वरी, १७ प्रस्तारपङ्क्तिः, २१ आस्तारपङ्क्तिः २५-३१ त्रिपदा प्राजापत्या बृहती, २६ साम्नी त्रिष्टुप्, २७-३० प्रतिष्ठानाम गायत्री, (२५-३१) एकावसाना त्रिपदा।उ॒प॒मितां॑ प्रति॒मिता॒मथो॑ परि॒मिता॑मु॒त।शाला॑या वि॒श्ववा॑राया न॒द्धानि॒ वि चृ॑तामसि

śālā| 1-31 bhṛgvaṅgirāḥ| śālā| anuṣṭup, 6 pathyāpaṅktiḥ, 7 paroṣṇik, 15 tryavasānā pañcapadātiśakvarī, 17 prastārapaṅktiḥ, 21 āstārapaṅktiḥ 25-31 tripadā prājāpatyā bṛhatī, 26 sāmnī triṣṭup, 27-30 pratiṣṭhānāma gāyatrī, (25-31) ekāvasānā tripadā| upamitāṃ pratimitāmatho parimitāmuta| śālāyā viśvavārāyā naddhāni vi cṛtāmasi

हिन्दी अर्थ

नुमतिः= देवपत्नी (नैरूताः) । या पूर्वा पौणंमासी साऽनुमतिः कहा है (२) गौः वाङ्नाम (निघ० ।११) । § ्ं ग्रथवेवेद-भाष्य कां० € । सुर ४

English

This potent lightning nourishes things shaken, and things un- shaken yet, and all the thunders. May the Sun, rising with his wealth and splendour, drive in victorious might my foemen

अध्याय ९

श्लोक 3.2

यत् ते॑ न॒द्धं वि॑श्ववारे॒ पाशो॑ ग्र॒न्थिश्च॒ यः कृ॒तः ।बृह॒स्पति॑रिवा॒हं ब॒लं वा॒चा वि स्रं॑सयामि॒ तत्

yat te naddhaṃ viśvavāre pāśo granthiśca yaḥ kṛtaḥ | bṛhaspatirivāhaṃ balaṃ vācā vi sraṃsayāmi tat

हिन्दी अर्थ

प्रापणीयं प्ररमेरवर (गवां पतिः) "गौश्नों का पत्िहै। गौणरूप मेँ बलीवदं का वर्णेन है । श्रथवं० .€।७।१ मे “प्रजापतिश्च परः दारा तामसिक-राक्षसो कामं, क्रोध, लोभ श्रादि कों हटाता है । वह् निज

English

Stronger than these art thou, and great for ever. Kāma, to thee, to thee I offer worship. Not even Vāta is the peer of Kāma, not Agni, Chandramas the Moon, nor Sūrya.

अध्याय ९

श्लोक 3.3

आ य॑याम॒ सं ब॑बर्ह ग्र॒न्थींश्च॑कार ते दृ॒ढान्।परूं॑षि वि॒द्वांछस्ते॒वेन्द्रे॑ण॒ वि चृ॑तामसि

ā yayāma saṃ babarha granthīṃścakāra te dṛḍhān| parūṃṣi vidvāṃchastevendreṇa vi cṛtāmasi

हिन्दी अर्थ

(विश्वरूपः) विष्वे को रूप देने वाला ऋषभ-परमेरवर (नः) हमें पिज्ञद्धः-पीतवणं वाला, हिरण्यसदुश . रूपवाला काङ्चनं . सदश कार, ६ ।-सु०.9 घ्रथव्रवेदभाष्य . ३

English

The diadem, securely tied and laid upon the central beam.

अध्याय ९

श्लोक 3.4

वं॒शानां॑ ते॒ नह॑नानां प्राणा॒हस्य॒ तृण॑स्य च ।प॒क्षाणां॑ विश्ववारे ते न॒द्धानि॒ वि चृ॑तामसि

vaṃśānāṃ te nahanānāṃ prāṇāhasya tṛṇasya ca | pakṣāṇāṃ viśvavāre te naddhāni vi cṛtāmasi

हिन्दी अर्थ

भव नहीं कर रहै हँ परमयोगी उनके प्रति कहते हैँ कि इस सदा युवा, श्रत ६४ । ग्रथवेवेद-भाष्य . काऽ ६।.सू० ४ होकर जब चाहो, उस युवा के साथ विचरो। परन्तु इस नए श्रघ्यात्म 0

English

Art thou whose several limbs and joints we part and loosen one by one. He who collected timber for the work and built thee up, O

अध्याय ९

श्लोक 3.5

सं॒दं॒शानां॑ पल॒दानां॒ परि॑ष्वञ्जल्यस्य च ।इ॒दं मान॑स्य॒ पत्न्या॑ न॒द्धानि॒ वि चृ॑तामसि

saṃdaṃśānāṃ paladānāṃ pariṣvañjalyasya ca | idaṃ mānasya patnyā naddhāni vi cṛtāmasi

हिन्दी अर्थ

बलीवद पश्च में युवा बैल तथां गौग्रो मे परस्पर क्रीडा का वणन है काऽ ९्के वें सूक्त कां थाज्िकं विनियोग निम्नलिखित है--.. भागरूप तीसरे-नाक मेया सुकममियः. के लोकमे जाता है, वहां.पहिले

English

House, Made thee for coming progeny, Prajāpati, the Lord Supreme.

अध्याय ९

श्लोक 3.6

यानि॑ ते॒ऽन्तः शि॒क्याऽन्याबे॒धू र॒ण्याऽय॒ कम्।प्र ते॒ तानि॑ चृतामसि शि॒वा मान॑स्य॒ पत्नि॑ न॒ उद्धि॑ता त॒न्वेऽ भव

yāni te'ntaḥ śikyā'nyābedhū raṇyā'ya kam| pra te tāni cṛtāmasi śivā mānasya patni na uddhitā tanve' bhava

हिन्दी अर्थ

गए हुए यजमान प्रादि के तमस् का हनन करता है,-इत्यादि वणेन इस तथां श्रथवेवेद के श्र॑ग्ेजी.भाषा मे ्रनुवाद करने वाले “विलियम डिविट ह्िटनी “ने इस सूक्त का शीषेक दिया है “प्ण 116 रल गै पद पठित है उनकी ष्टि से. “ह्िटनी" ने इसं प्रकारं काशीषेक दियाहै।

English

Homage to him! We worship too the giver and the Mansion’s lord: Homage to Agni! to the man who serves at holy rites for thee.

अध्याय ९

श्लोक 3.7

ह॒वि॒र्धान॑मग्नि॒शालं॒ पत्नी॑नां॒ सद॑नं॒ सदः॑ ।सदो॑ दे॒वाना॑मसि देवि शाले

havirdhānamagniśālaṃ patnīnāṃ sadanaṃ sadaḥ | sado devānāmasi devi śāle

हिन्दी अर्थ

के प्रति, च किं ब्राह्यण के प्रति। 0 । अर्थात् पांच श्रोदनतदतरिथो कै साधं, ६. मन्व ३१से ३६ तकमें ६ऋतश्रो का वणेन, तथा इन ऋतुश्रों

English

Homage to kine and steeds! to all that shall be born within the house We loose the bonds that fasten thee, mother of multitudes to come!

अध्याय ९

श्लोक 3.8

अक्षु॑मोप॒शं वित॑तं सहस्रा॒क्षं वि॑षू॒वति॑ ।अव॑नद्धम॒भिहि॑तं॒ ब्रह्म॑णा॒ वि चृ॑तामसि

akṣumopaśaṃ vitataṃ sahasrākṣaṃ viṣūvati | avanaddhamabhihitaṃ brahmaṇā vi cṛtāmasi

हिन्दी अर्थ

“तेदाघ" कोः वषे के. प्रारम्भ की ऋत् कहा है । कोई शुभेच्छ श्राचायं के प्रति निवेदन करताहैकिं. है ग्राचाध यह (सुकृतां लोकम्) सुक्मियों के लोक मे (श्रपि गच्छतु) जाय । (बहुधा)

English

Agni thou shelterest within, and people with domestic beasts. We loose the bonds that fasten thee, mother of multitudes to come!

अध्याय ९

श्लोक 3.9

यस्त्वा॑ शाले प्रतिगृ॒ह्णाति॒ येन॒ चासि॑ मि॒ता त्वम्।उ॒भौ मा॑नस्य पत्नि॒ तौ जीव॑तां ज॒रद॑ष्टी

yastvā śāle pratigṛhṇāti yena cāsi mitā tvam| ubhau mānasya patni tau jīvatāṃ jaradaṣṭī

हिन्दी अर्थ

बहृत प्रकार के (महान्ति) बड़े-बड़े (तमांसि) तमोमय जीवनो को ५..-मन्व्र १० म “त्रिनाके" पद द्वारा नाक के तीन भागों का वणेन है । तथा मन्त १,३,४,६,८ मे (ततीय नाक” का वणेन है । (६) श्रभिभुवम् (चैत्र-वेशाख) । मन्तो में.

English

All space that lies between the earth and heaven, therewith I take this house for thy possession,

अध्याय ९

श्लोक 3.10

अ॒मुत्रै॑न॒मा ग॑च्छताद् दृ॒ढा न॒द्धा परि॑ष्कृता ।यस्या॑स्ते विचृ॒ताम॒स्यङ्ग॑मङ्गं॒ परु॑ष्परुः

amutrainamā gacchatād dṛḍhā naddhā pariṣkṛtā | yasyāste vicṛtāmasyaṅgamaṅgaṃ paruṣparuḥ

हिन्दी अर्थ

सम्बन्ध कृषिकमं के साथ है (ऋ० ३।५६।१) । प्रनूवृजो = बलीवदं की छाती से लेकर, पिछली टागों के उस्ग्रों तकके दो पासे" एेसा प्रथं कटं पुच्छं वातस्य देवस्य तेन ॒धूनोत्योषधीः ॥१२॥ पूछ थी (वातस्य देवस्य) वायुदेव कौ, (तेन) उस पुछ द्वारा बलीवद (ग्रोषधीः) ग्रोषधियों को (धूनोति) कम्पाता ह ।

English

downward. Thy firm and triply-barred protection, Kāma! thy spell, made weapon-proof extended armour

अध्याय ९

श्लोक 3.11

यस्त्वा॑ शाले निमि॒माय॑ संज॒भार॒ वन॒स्पती॑न्।प्र॒जायै॑ चक्रे त्वा शाले परमे॒ष्ठी प्र॒जाप॑तिः

yastvā śāle nimimāya saṃjabhāra vanaspatīn| prajāyai cakre tvā śāle parameṣṭhī prajāpatiḥ

हिन्दी अर्थ

दयूलोक की दीप्तियोंको जीणं करता है। दूस कमं को जारकमं काह । वह साय दर्घाया है । “सद् “इन्द्रि गौ की होती है, वलीवदं बेल कौ नहीं। तथापि गोजाति की दृष्टि से बलीवदं के साथ “'भसद्" का वणन कर दिया है) (गदाः) गुदा के ग्रवयव श्रासन्) ये (सिनीवाल्याः) सिनीवाली के,

English

With that drive thou my foemen to a distance. May cattle, vital breath, and life forsake them. Far from the world wherein we live, O Kāma, drive thou my foemen with that selfsame

अध्याय ९

श्लोक 3.12

नम॒स्तस्मै॒ नमो॑ दा॒त्रे शाला॑पतये च कृण्मः ।नमो॒ऽग्नये॑ प्र॒चर॑ते॒ पुरु॑षाय च ते॒ नमः॑

namastasmai namo dātre śālāpataye ca kṛṇmaḥ | namo'gnaye pracarate puruṣāya ca te namaḥ

हिन्दी अर्थ

उन्होने श्रनुमति प्रादि देवों ने (१२, १३, १४ ) । सिनीवाली श्रावरणरूप है, त्वचा बलीवदं का ्रावरण है। सम्भवतः इसलिये त्वचा का सम्बन्ध सूर्याके साथ कहा हो । “उत्थाता” भी देव है, यह केवल इसी सम्भवतः सूयं । यह ऊच्वदिदा में चुलोक में स्थित है। चलता नहीं इसका चलना परथिवी के निज भक्ष पर परिचिमसे पूव॑की श्रोर परिभ्रमण को वजह से है । यह स्थित तो है" परन्तु इसके पैर नहीं । पैरों द्वारा ही स्थिति होती है । यथा “पादयो प्रतिष्ठा (ग्रथवं० १६।६०।२) इस कमी

English

weapon Wherewith the Gods repelled the fiends, and Indra cast down the Dasyus into deepest

अध्याय ९

श्लोक 3.13

गोभ्यो॒ अश्वे॑भ्यो॒ नमो॒ यच्छाला॑यां वि॒जाय॑ते ।विजा॑वति॒ प्रजा॑वति॒ वि ते॒ पाशां॑श्चृतामसि

gobhyo aśvebhyo namo yacchālāyāṃ vijāyate | vijāvati prajāvati vi te pāśāṃścṛtāmasi

हिन्दी अर्थ

करो आसीज्जामिशंसस्य सोम॑स्य कलशो धृतः । (क्रोडः) छाती (ग्रासीत्) थी (जाभिशंसस्य ) जामिशंस की, (कलशः) दग्धाशय (सोमस्य) सोम के लिये (धृतः) निर्घारित करिया । (स्वे देव) सव देवों ने (संगत्य ) मिलकर (यत्) जव (ऋषभम्) बलीवदं की

English

darkness. As Gods repelled the Asuras, and Indra down to the lowest darkness drove the demons,

अध्याय ९

श्लोक 3.14

अ॒ग्निम॒न्तश्छा॑दयसि॒ पुरु॑षान् प॒शुभिः॑ स॒ह।विजा॑वति॒ प्रजा॑वति॒ वि ते॒ पाशां॑श्चृतामसि

agnimantaśchādayasi puruṣān paśubhiḥ saha| vijāvati prajāvati vi te pāśāṃścṛtāmasi

हिन्दी अर्थ

५८ श्रथवेवेद-भाष्य कां० € । सू० ४ जात भगिनी, शंस दंसु स्त॒तौ,स्तुति करने वाला.प्रशंसा करने वाला भा ई । जो भाई निज वहिन की सदा प्रशंसा करता ग्रौर् उस की रक्षा करता है उसके लिये कोड है, छाती हैःवह छाती मे लगाकर स्न् करने के योग्य है । “स्वसुर्जारः” (ऋ ० ६।५५।५) भें “जार का प्रथ प्रशंसक भी ४ सोम का श्रथ है दुग्ध (ऋ० €।१०७।६) मेसोम का प्रथ दुर है (निरुक्त ५।१।३) । "कलश" का प्रथं है गौ का दुग्धाय जिसमे दुग्ध का ग्रावास होता है । निरुक्त में जामिशंस का वणन नहीं हँ ।

English

So, Kāma, from this world, to distant places, drive thou the men who are mine adversaries. First before all sprang Kāma into being. Gods, Fathers, mortal men have never matched him.

अध्याय ९

श्लोक 3.15

अ॒न्त॒रा द्यां च॑ पृथि॒वीं च॒ यद् व्यच॒स्तेन॒ शालां॒ प्रति॑ गृह्णामि त इ॒माम्।यद॒न्तरि॑क्षं॒ रज॑सो वि॒मानं॒ तत् कृ॑ण्वे॒ऽहमु॒दरं॑ शेव॒धिभ्यः॑ ।तेन॒ शालां॒ प्रति॑ गृह्णामि॒ तस्मै॑

antarā dyāṃ ca pṛthivīṃ ca yad vyacastena śālāṃ prati gṛhṇāmi ta imām| yadantarikṣaṃ rajaso vimānaṃ tat kṛṇve'hamudaraṃ śevadhibhyaḥ | tena śālāṃ prati gṛhṇāmi tasmai

हिन्दी अर्थ

ते वुष्ठिकाः स॒रमाये कूर्मस्य अदधुः शुफान् । ते) उन्टोने (सरमाये) कुतिया के लिये (कुण्ठिता ) कु ८ पि १ (श्रदधुः) निर्धारित की, (कूमम्यः ) कषु न लिये श्राजीविका के लिये श्रधारयन् ) निर्धारित किया ।

English

Stronger than these art thou, and great for ever. Kāma, to thee, to thee I offer worship. Wide as the space which heaven and earth encompass, far as the flow of waters, far as Agni,

अध्याय ९

श्लोक 3.16

ऊर्ज॑स्वती॒ पय॑स्वती पृथि॒व्यां निमि॑ता मि॒ता।वि॒श्वा॒न्नं बिभ्र॑ती शाले॒ मा हिं॑सीः प्रतिगृह्ण॒तः

ūrjasvatī payasvatī pṛthivyāṃ nimitā mitā| viśvānnaṃ bibhratī śāle mā hiṃsīḥ pratigṛhṇataḥ

हिन्दी अर्थ

सरमा का ग्रहै कुतिया । सारमेय का प्रथ होता है कत्ते, से द है । कुतिया छोटी-छोरी प्रस्थियों को चवा लेती है । शफ ५. श्रोणी वृहस्पतेः १२. कुष्ठिकाः ५६ कां० € । सु०४ प्रथवेवेद-भाष्य ५९

English

Stronger than these art thou, and great for ever. Kāma, to thee, to thee I offer worship. Vast as the quarters of the sky and regions that lie between them spread in all directions, vast

अध्याय ९

श्लोक 3.17

तृणै॒रावृ॑ता पल॒दान् वसा॑ना॒ रात्री॑व॒ शाला॒ जग॑तो नि॒वेश॑नी ।मि॒ता पृ॑थि॒व्यां ति॑ष्ठसि ह॒स्तिनी॑व प॒द्वती॑

tṛṇairāvṛtā paladān vasānā rātrīva śālā jagato niveśanī | mitā pṛthivyāṃ tiṣṭhasi hastinīva padvatī

हिन्दी अर्थ

प्रापणीय परमेडवर (गवां पत्तिः) गौश्रों का पति है गौणरूप मे बलीवदं का वणेन है । अ्रथवे० €।७।१ मे “"प्रजापतिक्च पर- दारा तामसिक-राक्षसों काम, क्रोध, लोभ श्रादिको हटाता है। वह निज

English

as celestial tracts and views of heaven, Stronger than these art thou, and great for ever. Kāma, to thee, to thee I offer worship.

अध्याय ९

श्लोक 3.18

इट॑स्य ते॒ वि चृ॑ता॒म्यपि॑नद्धमपोर्णु॒वन्।वरु॑णेन॒ समु॑ब्जितां मि॒त्रः प्रा॒तर्व्युऽब्जतु

iṭasya te vi cṛtāmyapinaddhamaporṇuvan| varuṇena samubjitāṃ mitraḥ prātarvyu'bjatu

हिन्दी अर्थ

हनन करता है। परमेदवर के प्रकृतिक कणं तो नहीं है परन्तु "गवाम् वेदवाणियों का पति दहै, गौः वाड्नाम (निषं० १।११) । वह् (श्रघ्न्यः'' है, न हनन करता ्रौर न उसका हनन हो सकता है। धयो न (सः) वह् परमयोगी मानो (शंतयाजम्) सेकडों यज्ञ॒ (यजते)

English

Many as are the bees, and bats, and reptiles, and female serpents of the trees, and beetles, Stronger art thou than these, and great for ever. Kāma, to thee, to thee I offer worship.

अध्याय ९

श्लोक 3.19

ब्रह्म॑णा॒ शालां॒ निमि॑तां क॒विभि॒र्निमि॑तां मि॒ताम्।इ॒न्द्रा॒ग्नी र॑क्षतां॒ शाला॑म॒मृतौ॑ सो॒म्यं सदः॑

brahmaṇā śālāṃ nimitāṃ kavibhirnimitāṃ mitām| indrāgnī rakṣatāṃ śālāmamṛtau somyaṃ sadaḥ

हिन्दी अर्थ

जीविका का हनन कंसे कर सकता रै । स्रकी कृपा दृष्टिसे कृषि द्वारा श्रनाजी- क श्थर्ैवेद-भाष्य का०.६। सू = बुः अधववेद-माध्य , क रणोतिं मद्रं कर्णाभ्यां गवा यः प॑तिरघ्नय; ॥१७॥

English

Stronger art thou than aught that stands or twinkles, stronger art thou than ocean, Kāma! Manyu!

अध्याय ९

श्लोक 3.20

कु॒लायेऽधि॑ कु॒लायं॒ कोशे॒ कोशः॒ समु॑ब्जितः ।तत्र॒ मर्तो॒ वि जा॑यते॒ यस्मा॒द् विश्वं॑ प्र॒जाय॑ते

kulāye'dhi kulāyaṃ kośe kośaḥ samubjitaḥ | tatra marto vi jāyate yasmād viśvaṃ prajāyate

हिन्दी अर्थ

हनन करता है । परमेदवर के ; प्रक्तिकः कणं तो नहीं है परन्तु गवाम्" वेदवाणियों का पतिं है, गौः वाद्नांम (निघं०. १।११) । वहु जात भगिनी, शंस शंसु स्ततौ,स्तुति करने वाला,प्ररंसा करने वाला भाई । जो भाई निज बहिन की सदा प्रशंसा करता श्रौर.उसकी रक्षा कस्ता है उसके लिये करोड है, छाती हैःवह् छाती मे लगाकर स्नेह करने के योग्य है । .

English

Stronger than these art thou, and great for ever. Kāma, to thee, to thee I offer worship. Thy lovely and auspicious forms, O Kāma, whereby the thing thou wilt becometh real,

अध्याय ९

श्लोक 3.21

या द्विप॑क्षा॒ चतु॑ष्पक्षा॒ षट् प॑क्षा॒ या नि॑मी॒यते॑ ।अ॒ष्टाप॑क्षां॒ दश॑पक्षां॒ शालां॒ मान॑स्य॒ पत्नी॑म॒ग्निर्गर्भ॑ इ॒वा श॑ये

yā dvipakṣā catuṣpakṣā ṣaṭ pakṣā yā nimīyate | aṣṭāpakṣāṃ daśapakṣāṃ śālāṃ mānasya patnīmagnirgarbha ivā śaye

हिन्दी अर्थ

है । यथा “जरिता स्तोतनाम (निघं० ३।१६)। "सोमस्य कलशः मे सोम काः अर्थं है दुग्ध (ऋ०..६।१०७।९) मेसौम काश्रथेदुग्धहैः (निरुक्त ५।१।३).। कलश” काः श्रथं है गौ का दुगधाशय जिसमें दुग्धं का अ्रावास होता है। निस्क्त मे जामिंसःका वणेन नहीं है । ८ ते कुष्ठिकाः स॒रमाये कूरमम्यो अदधुः शुफान् । भ्राजीविका के लिये श्रधारयन्) निर्धारितं किया ।

English

With these come thou and make thy home among us, and make malignant thoughts inhabit elsewhere.

अध्याय ९

श्लोक 3.22

प्र॒तीचीं॑ त्वा प्रती॒चीनः॒ शाले॒ प्रैम्यहिं॑सतीम्।अ॒ग्निर्ह्य॑१न्तराप॑श्च॒र्तस्य॑ प्रथ॒मा द्वाः

pratīcīṃ tvā pratīcīnaḥ śāle praimyahiṃsatīm| agnirhya1ntarāpaścartasya prathamā dvāḥ

हिन्दी अर्थ

सरमा काम्रथंहै कुतिया। सारमेय का ग्रथेहोतादहै कृत्तेजोकि सरमा. से पैदा होते ह। कतिया छोटी-छोदी अ्रस्थियों को चना लेती है । शफ 4. पाद्व 1 ५ सूर्यायाः (सः) वहं परमयोगी मानो (शंतयाजम्) सैकड़ों यज्ञ॒ (यजते) । ६9. । श्रथवेवेद-भाष्य क० ॥ घूञ ४.

English

On the consecration of a newly built house We loose the ties and fastenings of the house that holds all precious things,

अध्याय ९

श्लोक 3.23

इ॒मा आपः॒ प्र भ॑राम्यय॒क्ष्मा य॑क्ष्म॒नाश॑नीः ।गृ॒हानुप॒ प्र सी॑दाम्य॒मृते॑न स॒हाग्निना॑

imā āpaḥ pra bharāmyayakṣmā yakṣmanāśanīḥ | gṛhānupa pra sīdāmyamṛtena sahāgninā

हिन्दी अर्थ

योगी इस की “उपासनारूपी-ग्रग्नि" मे परमेदवर . को श्राहुति देकर इसे गराहूति द्वारा उसने. महायज्ञ किया है । इसलिये वह मानो संकड़ं यज्ञो के फलों का श्रधिकारी बन जाताहै। श्रगनयः-देखो (श्रथवे० १९।१।१- (दत्वा) प्रदान करके दाता (मनः) निज मन को (वरीयः) श्रेष्ठं तथा उदारं (कृणुते) करता है, (सः) श्रौर वह (स्वे). श्रपने (गोष्ठे) मन या शरीर

English

The bands of pillars and of stays, the ties of beams that form the roof. All-wealthy House! each knot and band, each cord that is attached to thee

अध्याय ९

श्लोक 3.24

मा नः॒ पाशं॒ प्रति॑ मुचो गु॒रुर्भा॒रो ल॒घुर्भ॑व ।व॒धूमि॑व त्वा शाले यत्र॒कामं॑ भरामसि

mā naḥ pāśaṃ prati muco gururbhāro laghurbhava | vadhūmiva tvā śāle yatrakāmaṃ bharāmasi

हिन्दी अर्थ

वरीया श्रेष्ठ मरौर विस्तृत उदार विना. किसी प्रतिफल के .मगि, ब्रह्म दन करा देने मे, दाता निज.मन की उदारता प्रकट करताहै, रौर. है, तभी इन्द्रि-विषयों को गोचर कहते हैँ । गोचरजिन में इन्द्रियां ५।५) । वेदवागी ग्रघ्न्या है, कभी इस का हनन नहीं होता, यहं नित्या, है ।. दाता के मन से वेदवाणियों की पृष्टि.सदां होती रहती है । यथा . “यस्मि ,

English

I with my spell untie, as erst Brihaspati disclosed the cave. He drew them close, he pressed them fast, he made thy knotted. bands secure:

अध्याय ९

श्लोक 3.25

प्राच्या॑ दि॒शः शाला॑या॒ नमो॑ महि॒म्ने स्वाहा॑ दे॒वेभ्यः॑ स्वा॒ह्येऽभ्यः

prācyā diśaḥ śālāyā namo mahimne svāhā devebhyaḥ svāhye'bhyaḥ

हिन्दी अर्थ

दाता-परमयोगी के मन मे, परमेदवर की स्तुति करनेके लिये, वेदवाणी सदा जागत रहती है, वह निशि-दिन परमेश्वर की स्तुति करता रहता है । कां € सु० ४ ग्रथवैवेद-भाष्य ६१ तत् सवेमतु मन्यन्तां देवा चषभदायिने ॥२.०॥

English

With Indra’s help we loose them as a skilful Slaughterer severs joints. We loose the bands of thy bamboos, of bolts, of fastening, of thatch,

अध्याय ९

श्लोक 3.26

दक्षि॑णाया दि॒शः शाला॑या॒ नमो॑ महि॒म्ने स्वाहा॑ दे॒वेभ्यः॑ स्वा॒ह्येऽभ्यः

dakṣiṇāyā diśaḥ śālāyā namo mahimne svāhā devebhyaḥ svāhye'bhyaḥ

हिन्दी अर्थ

बलम्) शारीरिक. बल (म्रस्तु) हो ॥, (ऋषभदायिने) ऋषभ के. दाता के करा.देता है ।, एेसा योगी यदि गृहस्थी हौ तो उसके. गृहजीवन के लिये भ्रावश्यक साधनों कोः उपस्थितः करना, तथा यंदि वह रु्ण.हो तो उसके धिकारियोँ-का कत्तव्य है, जोकि राज्याधिकारी देवहौं, देव कोटि के व्यवित हों । किस - स्थान मे. एेसा कौन. सा योगी. रहता: है.इस की. सूचना तो स्थानीय विशिष्टजन हीदे सकतेहैँ। वे ही सहायतां. यथोचित,

English

We loose the ties of thy side-posts, O House that holdest all we prize. We loosen here the ties and bands of straw in bundles, and of clamps,

अध्याय ९

श्लोक 3.27

प्र॒तीच्या॑ दि॒शः शाला॑या॒ नमो॑ महि॒म्ने स्वाहा॑ दे॒वेभ्यः॑ स्वा॒ह्येऽभ्यः

pratīcyā diśaḥ śālāyā namo mahimne svāhā devebhyaḥ svāhye'bhyaḥ

हिन्दी अर्थ

परमयोगियो की सहायता की जानी चाहि्यि,यह् उपदेश सन्तर का है । दुसंरीः तो राष्ट की वास्तविक समृत्नति हो सकंती है) करे (श्रयम्) यह परमेश्वर जो कि (परः दिवः). यलोक से भीप्रेहै. वह

English

Of all that compasses and binds the Lady Genius of the Home. We loose the loops which men have bound within thee, loops to tie and hold.

अध्याय ९

श्लोक 3.28

उदी॑च्या दि॒शः शाला॑या॒ नमो॑ महि॒म्ने स्वाहा॑ दे॒वेभ्यः॑ स्वा॒ह्येऽभ्यः

udīcyā diśaḥ śālāyā namo mahimne svāhā devebhyaḥ svāhye'bhyaḥ

हिन्दी अर्थ

(वशं दुहाम्) यथेच्छ दुही जा सकने वाली, .(विपरिचतम्) मे्घावियों का चैयन करने वाली (धेनुम्). वेदवाणीरूपी धेनु (दधातु) प्रदान करे । है, “श्राणिगौः'” सदी द्व नहीं पिला सकती । धेनु, नित्यवत्सा है 1 वेदधेनु सदा दग्ध पिलाती है । यह् सुदुघा है ्रासानीं से दुही जा सकती है, केवल

English

Be gracious, when erected, to our bodies, Lady of the Home. Store-house of Soma, Agni’s hall, the ladies’ bower, the resi- dence,

अध्याय ९

श्लोक 3.29

ध्रु॒वाया॑ दि॒शः शाला॑या॒ नमो॑ महि॒म्ने स्वाहा॑ दे॒वेभ्यः॑ स्वा॒ह्येऽभ्यः

dhruvāyā diśaḥ śālāyā namo mahimne svāhā devebhyaḥ svāhye'bhyaḥ

हिन्दी अर्थ

विपरििवत् है, मेधावियों का चयनं करने वाली है । व्यक्तिं जंसे-जेसे इसका स्वाध्याय श्नौर मनन करेगे, वैसे वैसेः मेधावियों. का चथन होता जायगा, दवररूपी “ऋषमः' यलोक से -भी परे विद्यमानैः चकि वहु विभुहै,

English

The seat of Gods art thou, O Goddess House. We with our incantation loose the net that hath a thousand. eyes.

अध्याय ९

श्लोक 3.30

ऊ॒र्ध्वाया॑ दि॒शः शाला॑या॒ नमो॑ महि॒म्ने स्वाहा॑ दे॒वेभ्यः॑ स्वा॒ह्येऽभ्यः

ūrdhvāyā diśaḥ śālāyā namo mahimne svāhā devebhyaḥ svāhye'bhyaḥ

हिन्दी अर्थ

(इहं उपवचेनं) इस संसौर मे समीषता भै सम्पके वाले ! (न अस्मिन् (कतरि) । गोष्ठे =मनमे या शरीर में (मन्त्र १७) । गावः इद्ियाणि परमेरवर सवेव्यापक होने से सबके समीप है । उपासको की भावना यह् है कि सवेव्यापक होने पर भी हमारी उपासनाश्रों तथा जीवनो मे उस को सत्ता श्रनुभूत नहीं हो रही । इस लिये वे प्रार्थना करते हैँ कि तेरी शिति

English

The man who takes thee as his own, and he who was thy builder,. House!

अध्याय ९

श्लोक 3.31

दि॒शोदि॑शः॒ शाला॑या॒ नमो॑ महि॒म्ने स्वाहा॑ दे॒वेभ्यः॑ स्वा॒ह्येऽभ्यः

diśodiśaḥ śālāyā namo mahimne svāhā devebhyaḥ svāhye'bhyaḥ

हिन्दी अर्थ

एतं वो युवान परति दध्मो अनर तेन् करीडन्तीहचरत् वशो अनं । के.साथ (चरत) तुम विचरो । (जनुषा) नव जीवन के कारण (सुभागाः) हमारे सत्संगों को प्राप्त करती रहो ।

English

Both these, O Lady of the Home, shall live to long-extended’ years. There let her come to meet this man. Firm, strongly fastened,. and prepared

अध्याय ९

श्लोक 4.1

ऋषभः १-२४ ब्रह्मा।ऋषभः।त्रिष्टुप्, ८ भुरिक्, ६, १०, २४ जगती, ११-१७, १९-२०, २३ अनुष्टुप्, १८ उपरिष्टाद्बृहती, २१ आस्तारपङ्क्तिः।सा॒ह॒स्रस्त्वे॒ष ऋ॑ष॒भः पय॑स्वा॒न् विश्वा॑ रू॒पाणि॑ व॒क्षणा॑सु॒ बिभ्र॑त्।भ॒द्रं दा॒त्रे यज॑मानाय॒ शीक्ष॑न् बार्हस्प॒त्य उ॒स्रिय॒स्तन्तु॒माता॑न्

ṛṣabhaḥ 1-24 brahmā| ṛṣabhaḥ| triṣṭup, 8 bhurik, 6, 10, 24 jagatī, 11-17, 19-20, 23 anuṣṭup, 18 upariṣṭādbṛhatī, 21 āstārapaṅktiḥ| sāhasrastveṣa ṛṣabhaḥ payasvān viśvā rūpāṇi vakṣaṇāsu bibhrat| bhadraṃ dātre yajamānāya śīkṣan bārhaspatya usriyastantumātān

हिन्दी अर्थ

कार सू० भ्. र प्रथववेद-भाष्य र ६७ मरणं से रहित जानकर मोक्ष पाने का भ्रभिलाषी है । “महान्ति तमांसि का भ्रभिप्राय है लम्बे-लम्बे. कालो. तकं ननाविध तामसिक जीवन को तैर कर मानुष शरीर को पाना । तृतीय नाक के सम्बन्ध मे देखो, मन्त्र (ये) जो काम, क्रोध, लोभ. श्रादि (नः) हमारे साथ. (द्विषन्ति) दष

English

And all that measures out the air’s mid-region I make a hollow to contain thy treasures. Therewith I take the house for his possession.

अध्याय ९

श्लोक 4.2

अ॒पां यो अग्ने॑ प्रति॒मा ब॒भूव॑ प्र॒भूः सर्व॑स्मै पृथि॒वीव॑ दे॒वी।पि॒ता व॒त्सानां॒ पति॑र॒घ्न्यानां॑ साह॒स्रे पोषे॒ अपि॑ नः कृणोतु

apāṃ yo agne pratimā babhūva prabhūḥ sarvasmai pṛthivīva devī| pitā vatsānāṃ patiraghnyānāṃ sāhasre poṣe api naḥ kṛṇotu

हिन्दी अर्थ

है, (जीवता) जीवित व्यक्ति द्वारा . जीवित काल में ) (रजम्) निज तक (तमांसि) -्ज्ञानान्धकारों को (रव) हटाकर, (हन्ति). उन का हनन कारो.को दूरदूरं तके हटा देता है । परन्तु एसी शक्ति उसी' जीवात्मा को

English

Now from the east side of the house to the Great Power be homage paid! Hail to the Gods whose due is Hail!

अध्याय ९

श्लोक 4.3

पुमा॑न॒न्तर्वा॒न्त्स्थवि॑रः॒ पय॑स्वा॒न् वसोः॒ कब॑न्धमृष॒भो बि॑भर्ति ।तमिन्द्रा॑य प॒थिभि॑र्देव॒यानै॑र्हु॒तम॒ग्निर्व॑हतु जा॒तवे॑दाः

pumānantarvāntsthaviraḥ payasvān vasoḥ kabandhamṛṣabho bibharti | tamindrāya pathibhirdevayānairhutamagnirvahatu jātavedāḥ

हिन्दी अर्थ

जीवित है, उसने श्रभी तकः मोक्षारोहण नहीं किया । केवल शुभमावना ¦ देता है । (योगाचार्य के लिये. देखो - मन्त्र १, २) "1 चत्तः-= चते याचने पञ्चौदनो बह्मणं दीयमानो विश्वरूपा धेनुः कामदधाऽस्येकां ॥ १०॥ ,

English

giver. He who at first became the Waters’ model, a match for everyone, like Earth the Goddess;

अध्याय ९

श्लोक 4.4

पि॒ता व॒त्सानां॒ पति॑र॒घ्न्याना॒मथो॑ पि॒ता म॑ह॒तां गर्ग॑राणाम्।व॒त्सो ज॒रायु॑ प्रति॒धुक् पी॒यूष॑ आ॒मिक्षा॑ घृ॒तं तद् व॑स्य॒ रेतः॑

pitā vatsānāṃ patiraghnyānāmatho pitā mahatāṃ gargarāṇām| vatso jarāyu pratidhuk pīyūṣa āmikṣā ghṛtaṃ tad vasya retaḥ

हिन्दी अर्थ

हे मुमुक्षुः (पंच्चौदनः). पांच इन्द्रियं-भोगों वाला जोतु था, वहतू १४ . कियो जानि वालाहो जाताहै, तब तु (एका) एक (कामदा ग्रस): ५ यथेच्छ-दुही-जाने-वाली गौ के सदृश हौ जाता है, जो कामदुघा कि (विदव- होता है, श्रौर जिसकी तीन.पीठे है, एेततेनाक की. किसी एक प्ष्ठपर

English

The husband of the cows, the young calves’ father, may be secure us thousandfold abundance.

अध्याय ९

श्लोक 4.5

दे॒वानां॑ भा॒ग उ॑पना॒ह ए॒षो॒३पां रस॒ ओष॑धीनां घृ॒तस्य॑ ।सोम॑स्य भ॒क्षम॑वृणीत श॒क्रो बृ॒हन्नद्रि॑रभव॒द् यच्छरी॑रम्

devānāṃ bhāga upanāha eṣo3pāṃ rasa oṣadhīnāṃ ghṛtasya | somasya bhakṣamavṛṇīta śakro bṛhannadrirabhavad yaccharīram

हिन्दी अर्थ

सर.होतताहै। तवब.वह कामदुषा गौ के सदृशा . हम्रा-हमना, मानुषः जगत् की ॥ २ छ कामनाप्रों को सफल कर के, मानुष-जगत् को एकः. नया.रूप दे देता है, निज सदुपदेशों दवारा. -उनके.. जीवनो मे परिवतैनः वैदा कर उन के जीवनोको ह , सुधार देता है, जेसेकिं गौ निज दुग्ध द्वारां दुग्धसेवियों :को रूपवान् कर इ ५.१ 8 स्थापितं कर वेता ४. ; ; ¦ योगी तीन प्रकार केःहोते है, विदेह, प्रकृतिलीन, समाधिसिद्ध (योग० „ . १।१६.२०) । तीन प्रकारके योगियों में .से प्रत्येक योगी, निजकर्मानुसार,

English

Masculine, prégnant, stedfast. full of vigour, the Bull sustains a trunk of goodly treasure. May Agni Jātavedas bear him offered, on pathways traversed by the Gods, to Indra.

अध्याय ९

श्लोक 4.6

सोमे॑न पू॒र्णं क॒लशं॑ बिभर्षि॒ त्वष्टा॑ रु॒पाणां॑ जनि॒ता प॑शू॒नाम्।शि॒वास्ते॑ सन्तु प्रज॒न्वऽ इ॒ह या इ॒मा न्य॑स्मभ्यं॑ स्वधिते यच्छ॒ या अ॒मूः

somena pūrṇaṃ kalaśaṃ bibharṣi tvaṣṭā rupāṇāṃ janitā paśūnām| śivāste santu prajanva' iha yā imā nyasmabhyaṃ svadhite yaccha yā amūḥ

हिन्दी अर्थ

¦ ¦ ¦ " भुवनज्ञानं सुयं संयमात्" (योग०.२।२९) इस के माष्य मे व्यासमुनि ,, : ने एक प्राचीन इलोक उद्धत किया हैव यथाः-- ॑ ३.१ ; में ्राथिक श्रौर.भाव सम्बन्धी समता प्रतीत होती है शलोक मे ७ भुवनो . रजुं? ३९१६) । मन्तरं मे: “साध्य देवो की स्थिति “नाक! मे दशाहे ।

English

The husband of the cows, the young calves’ father, father is he of mighty water-eddies. Calf, after-birth, new milk drawn hot, and biestings, curds, butter, that is his best genial

अध्याय ९

श्लोक 4.7

आज्यं बिभर्ति घृ॒तम॑स्य॒ रेतः॑ साह॒स्रः पोष॒स्तमु॑ य॒ज्ञमा॑हुः ।इन्द्र॑स्य रू॒पमृ॑ष॒भो वसा॑नः॒ सो अ॒स्मान् दे॑वाः शि॒व ऐतु॑ द॒त्तः

ājyaṃ bibharti ghṛtamasya retaḥ sāhasraḥ poṣastamu yajñamāhuḥ | indrasya rūpamṛṣabho vasānaḥ so asmān devāḥ śiva aitu dattaḥ

हिन्दी अर्थ

, रजसो विमानः, कर्मे देवाय हविषा विषेम्” (यजु१, ३२।६) मे . (१) यौः, (पितरः) है पितरो 1 (एतत्) यह (वः) तुम्हारे लिये ( तीयमं । र, लोके ) इस पृथिवी लोकःमें (तमांसि) प्रज्ञानान्धकायो को ( दूरम् ) दूर-दूर 111

English

humour. He is the Gods’ allotted share and bundle, essence of waters, and of plants, and butter.

अध्याय ९

श्लोक 4.8

इन्द्र॒स्यौजो॒ वरु॑णस्य बा॒हू अ॒श्विनो॒रंसौ॑ म॒रुता॑मि॒यं क॒कुत्।बृह॒स्पतिं॒ संभृ॑तमे॒तमा॑हु॒र्ये धीरा॑सः क॒वयो॒ ये म॑नी॒षिणः॑

indrasyaujo varuṇasya bāhū aśvinoraṃsau marutāmiyaṃ kakut| bṛhaspatiṃ saṃbhṛtametamāhurye dhīrāsaḥ kavayo ye manīṣiṇaḥ

हिन्दी अर्थ

स्थियों के लिथे एक ज्योति ..है । ्ाचायै, वि्ञुरोहित । दूसरी ज्योतिःहै निवासो के श्रजञानान्धकारों कौ विनष्ट केर देता है समपित करना। जिस .लोक को मुमुक्षु चाहता है वह परिमाणे प्रथिवी .

English

Sakra elected him, the draught of Soma. What was his body was a lofty mountain. A beaker filled with Soma juice thou bearest. framer of forms, begetter of the cattle.

अध्याय ९

श्लोक 4.9

दैवी॒र्विशः॒ पय॑स्वा॒ना त॑नोषि॒ त्वामिन्द्रं॒ त्वां सर॑स्वन्तमाहुः ।स॒हस्रं॒ स एक॑मुखा ददाति॒ यो ब्रा॑ह्म॒ण ऋ॑ष॒भमा॑जु॒होति॑

daivīrviśaḥ payasvānā tanoṣi tvāmindraṃ tvāṃ sarasvantamāhuḥ | sahasraṃ sa ekamukhā dadāti yo brāhmaṇa ṛṣabhamājuhoti

हिन्दी अर्थ

कहा है । :यहुःतरिनाक ब्राह्मी चति द्वारा. योतमानः होता है। = ४। कल्याणमार्गी है, वह॒ जब शिवकूप हो जाता है तो प्रजाजन श्रादर पूवक. परमेश्वर की (सहसः) विति से (विप्रः) मेधावी तथा (विपरचत् ) ज्ञानी

English

Kindly to us be these thy wombs here present, and stay for us, O Axe, those that are yonder.

अध्याय ९

श्लोक 4.10

बृह॒स्पतिः॑ सवि॒ता ते॒ वयो॑ दधौ॒ त्वष्टु॑र्वा॒योः पर्या॒त्मा त॒ आभृ॑तः ।अ॒न्तरि॑क्षे॒ मन॑सा त्वा जुहोमि ब॒र्हिष्टे॒ द्यावा॑पृथि॒वी उ॒भे स्ता॑म्

bṛhaspatiḥ savitā te vayo dadhau tvaṣṭurvāyoḥ paryātmā ta ābhṛtaḥ | antarikṣe manasā tvā juhomi barhiṣṭe dyāvāpṛthivī ubhe stām

हिन्दी अर्थ

मानस्य) संसार-गरज्ञ के रचयिता के (वीराः) वीर पृत्र (भ्रनागसः) पापोंसे (व्यक्ति जब तक सांसारिक भोगों मे लिप्तं रहता है तब तक वह् परमेश्वरः के लिये निजभागरूप नहीं होता । परन्तु वहु मूमृक्षु होकर जब ध्यानयज्ञ मे परमेदवर का स्तोता बन जाता है तब उसे परमेश्वर निजभाग- रूपमे स्वीकार करलेताहै। काम क्रोध लोभ ्रादि त्रिय तो लगते परन्तु परिणाममेयेदहैँदषी । सूमृक्षु को चाहिए किः वह इनकी पक्डमे न रहे । ताकि परमेश्वर के पृ, वीर बने, श्रौर वीर बनकर इन शुभ्रो पर विजय पा कर, पापों से रहित हो जाय । सूरिम् = सूरिः स्तोतृनाम (निषं०

English

Rich in prosperity, rich in milk, founded and built upon the earth, Injure not thy receivers, House who holdest food of every sort!’

अध्याय ९

श्लोक 4.11

य इन्द्र॑ इव दे॒वेषु॒ गोष्वेति॑ वि॒वाव॑दत्।तस्य॑ ऋष॒भस्याङ्गा॑नि ब्र॒ह्मा सं स्तौ॑तु भ॒द्रया॑

ya indra iva deveṣu goṣveti vivāvadat| tasya ṛṣabhasyāṅgāni brahmā saṃ stautu bhadrayā

हिन्दी अर्थ

६ ¦ ... : -श्रथवेवेद-भाष्य कां०९। सू० ५ उसे तथा उस सदृश दुराचार को तु शुद्ध करदे, ताकि (प्रजानन्) ज्ञान भ्र्थात् बकरा (शुद्धैः) रोगों से. रहित (शफैः) निज पो हारा अ्रगेपग

English

Grass-covered, clad with straw, the house, like Night, gives rest to man and beast. Thou standest, built upon the earth, like a she-elephant, borne on feet.

अध्याय ९

श्लोक 4.12

पा॒र्श्वे आ॑स्ता॒मनु॑मत्या॒ भग॑स्यास्तामनू॒वृजौ॑ ।अ॒ष्ठी॒वन्ता॑वब्रवीन्मि॒त्रो ममै॒तौ केव॑ला॒विति॑

pārśve āstāmanumatyā bhagasyāstāmanūvṛjau | aṣṭhīvantāvabravīnmitro mamaitau kevalāviti

हिन्दी अर्थ

मय जीवनो को तैर कर, (तृतीयं नाकम्) तीसरे सुखमय लोक की . प्रर मे शेफः" पद द्वारा बकरेकेख॒रोका निदश्च कर बकरे को उपमान रूप प्रमिप्रायहैकि दुराचार करने के लिये जिस पादको उसने प्रथम उठाया

English

I loosen and remove from thee thy covering formed by mats of reed. What Varuna hath firmly closed Mitra shall ope at early morn.

अध्याय ९

श्लोक 4.13

भ॒सदा॑सीदादि॒त्यानां॒ श्रोणी॑ आस्तां॒ बृह॒स्पतेः॑ ।पुच्छं॒ वात॑स्य दे॒वस्य॒ तेन॑ धूनो॒त्योष॑धीः

bhasadāsīdādityānāṃ śroṇī āstāṃ bṛhaspateḥ | pucchaṃ vātasya devasya tena dhūnotyoṣadhīḥ

हिन्दी अर्थ

है, मानो वह दुराचार उसं पाद द्वारा किया गया है मामि हः परशः कर्पयैनं तृतीये नाके अधि विश्रयेनम् ॥४॥ उपदेश द्वारा, (ग्रसिना) तथा ज्ञानासि द्वारा, (यथापर) : पर-पर करके

English

May Indra, Agni, deathless Gods, protect the house where Soma dwells,

अध्याय ९

श्लोक 4.14

गुदा॑ आसन्त्सिनीवा॒ल्याः सू॒र्याया॒स्त्वच॑मब्रुवन्।उ॒त्था॒तुर॑ब्रुवन् प॒द ऋ॑ष॒भं यदक॑ल्पयन्

gudā āsantsinīvālyāḥ sūryāyāstvacamabruvan| utthāturabruvan pada ṛṣabhaṃ yadakalpayan

हिन्दी अर्थ

(माभिमंस्थाः) इस सम्बन्ध मे तु श्रभिमान न कर,्रथवा इसकी हिसा. न कर इस मृमृक्षु को. पर-पर मे सामथ्यवान् कर, तथा एनम् )- इसको (तृतीये नाके श्रधि) सुखमयं तीसरे नाक पर (विश्रय) विश्चाम करने योग्य 7721560, 04७ (राष्ट). 4 ्रनुच्छय =ग्रनुक्ल होकर काट (छो . छेदने

English

House that was founded with the prayer, built and erected by the wise. Nest upon nest hath been imposed, compartment on compart- ment laid:

अध्याय ९

श्लोक 4.15

क्रो॒ड आ॑सीज्जामिशं॒सस्य॒ सोम॑स्य क॒लशो॑ धृ॒तः ।दे॒वाः सं॒गत्य॒ यत् सर्व॑ ऋष॒भं व्यक॑ल्पयन्

kroḍa āsījjāmiśaṃsasya somasya kalaśo dhṛtaḥ | devāḥ saṃgatya yat sarva ṛṣabhaṃ vyakalpayan

हिन्दी अर्थ

संशयं योगमातिष्ठोत्तिष्ठ भारत. ।॥ (गीता ५।४२) में ज्ञानासि का वणेन ३) प्रविष्ट हुए-हुए है उन्हं ज्ञानासि हारा काटकर अलम.कर देना, .ताकिः साथः" (महीधर, यंजुऽ १३।४१) । इसी भावनां को प्रकट करने के लिये

English

There man shall propagate his kind, and there shall everything born. Within the house constructed with two side-posts, or with four, or six.

अध्याय ९

श्लोक 4.16

ते कुष्ठि॑काः स॒रमा॑यै कू॒र्मेभ्यो॑ अदधुः श॒फान्।ऊब॑ध्यमस्य की॒टेभ्यः॑ श्वव॒र्तेभ्यो॑ अधारयन्

te kuṣṭhikāḥ saramāyai kūrmebhyo adadhuḥ śaphān| ūbadhyamasya kīṭebhyaḥ śvavartebhyo adhārayan

हिन्दी अर्थ

मिभधित नीली तलवार! हारा इसके परुप्रों ब्र्थात् जोडोंको काटदे। विरुद्ध. प्रतीत होता है न छ य् । लेतां है इसलिये अ्राचायं को “मृत्यु” कहा है; रौर “वरूण, सोम, मरोषधः, तथा प्रय (दुध) भी कहा है (ग्रथवं० ११।५।१४॥) ।

English

Built with eight side-posts, or with ten, lies Agni like a babe unborn. Turned to thee, House! I come to thee, innocent, turned to welcome me:

अध्याय ९

श्लोक 4.17

शृङ्गा॑भ्यां॒ रक्ष॑ ऋष॒त्यव॑र्तिं हन्ति॒ चक्षु॑षा ।शृ॒णोति॑ भ॒द्रं कर्णा॑भ्यां॒ गवां॒ यः पति॑र॒घ्न्यः

śṛṅgābhyāṃ rakṣa ṛṣatyavartiṃ hanti cakṣuṣā | śṛṇoti bhadraṃ karṇābhyāṃ gavāṃ yaḥ patiraghnyaḥ

हिन्दी अर्थ

(ऋचा) वेदवाणी के ग्रनुसार (कुम्भीम्). तेरी शरीररूपी कुम्भी को उदक करो तु सींचता रह्, (एनम्) भ्रौर इसे (श्रवधेहि) सावधान करता (शृतः). परिपक्व. होकर यह्. (गच्छतु) - जाए (यत्र) जहां.कि (सुकृतां लोकः सुकमियों कालोकःहै। .

English

For Fire and Water are within, the first chief door of sacrifice. Water that kills Consumption, free from all Consumption, here

अध्याय ९

श्लोक 4.18

श॒त॒याजं॒ स य॑जते॒ नैनं॑ दुन्वन्त्य॒ग्नयः॑ ।जिन्व॑न्ति॒ विश्वे॒ तं दे॒वा यो ब्रा॑ह्म॒ण ऋ॑ष॒भमा॑जु॒होति॑

śatayājaṃ sa yajate nainaṃ dunvantyagnayaḥ | jinvanti viśve taṃ devā yo brāhmaṇa ṛṣabhamājuhoti

हिन्दी अर्थ

म॒मुक्ष की देख-भाल के लिये निदंश देता है, (१) कि इसे श्राश्वासनरूपी उदकं द्वारा सीचते रहो, (२) इसे सावधान. भी करते रहो ताकि यहः दवारा तप्त हुए (चरोः श्रधि) चरु से (तृतीये नाकम्) सुखमय तीसरे लोक

English

I bring. With Agni, the immortal one, I enter and possess the house.

अध्याय ९

श्लोक 4.19

ब्रा॒ह्म॒णेभ्य॑ ऋष॒भं द॒त्त्वा वरी॑यः कृणुते॒ मनः॑ ।पुष्टिं॒ सो अ॒घ्न्यानां॒ स्वे गो॒ष्ठेऽव॑ पश्यते

brāhmaṇebhya ṛṣabhaṃ dattvā varīyaḥ kṛṇute manaḥ | puṣṭiṃ so aghnyānāṃ sve goṣṭhe'va paśyate

हिन्दी अर्थ

ग्रभ्निसदृश पाप मलको जला देने वाला (संःवभूविथ) तरुहृ्राहै।तु करं०.६। सू०.५ .अधवेवेद-भाष्य ७१ चर = चलने फिरने वाला .- शरीर । इसे (मन्वे ५) में कुम्भी कहा है.। (नाकं तृतीयम्, देखो मन्त्र १०) ।

English

Lay thou no cord or noose on us: a weighty burthen, still be light! Withersoever be our will, O House, we bear thee like a bride.

अध्याय ९

श्लोक 4.20

गावः॑ सन्तु प्र॒जाः स॒न्त्वथो॑ अस्तु तनूब॒लम्।तत् सर्व॒मनु॑ मन्यन्तां दे॒वा ऋ॑षभदा॒यिने॑

gāvaḥ santu prajāḥ santvatho astu tanūbalam| tat sarvamanu manyantāṃ devā ṛṣabhadāyine

हिन्दी अर्थ

इजानानां सचतां परेहि मध्यं ततीये नाके अधिः वि श्रयस्व ।॥८॥ भोगो पर विजयरूपी यज्ञ किये हँ उन सुकमियो के (मध्ये) मध्यमे (प्रेहि) जा । तदन्तर (तृतीये. नाके) सुखमय तीसरे नाक मे (ग्रधि) प्रधिकार ह

English

Now from the south side of the house, etc. Now from the west side of the house, etc.

अध्याय ९

श्लोक 4.21

अ॒यं पिपा॑न॒ इन्द्र॒ इद् र॒यिं द॑धातु चेत॒नीम्।अ॒यं धे॒नुं सु॒दुघां॒ नित्य॑वत्सां॒ वशं॑ दुहां विप॒श्चितं॑ प॒रो दि॒वः

ayaṃ pipāna indra id rayiṃ dadhātu cetanīm| ayaṃ dhenuṃ sudughāṃ nityavatsāṃ vaśaṃ duhāṃ vipaścitaṃ paro divaḥ

हिन्दी अर्थ

व्यविति की परिस्थित्तिको दशनिके लिये उसे पञ्चौदन कहाहै, ‹ कारी बन जाता है । पाच एेन्द्रियिक भोगों परं विजय. पाकर वह्,. (१) सुकर्मिथों की संमाजं' मे जाने-म्रानेः योग्य बनता है, रौरं (२) प्रधिक. ५6

English

Now from the north side of the house, etc. So from the mansion’s every side to the Great Power be homage paid!

अध्याय ९

श्लोक 4.22

पि॒शङ्ग॑रूपो नभ॒सो व॑यो॒धा ऐ॒न्द्रः शुष्मो॑ वि॒श्वरू॑पो न॒ आग॑न्।आयु॑र॒स्मभ्यं॒ दध॑त् प्र॒जां च॑ रा॒यश्च॒ पोषै॑र॒भि नः॑ सचताम्

piśaṅgarūpo nabhaso vayodhā aindraḥ śuṣmo viśvarūpo na āgan| āyurasmabhyaṃ dadhat prajāṃ ca rāyaśca poṣairabhi naḥ sacatām

हिन्दी अर्थ

वहं सुखमय तीसंरे नाक में चिरकरलिं तक विश्ामपातादहै। “ तीन ज्योतियां ह तीन ज्ञान ज्योति, जोकि योगी को विभूतिरूपमे करने की शक्ति का हो.जाना (योग .३।३.१).। (२) मरातिभ-ज्ञान (योग ३।३३) जिसे कि पाप्ाा०१९1 1031८" कहते है । (३) विवेकज-ज्ञान

English

Hail to the Gods whose due is Hail! A glorification of the typical sacrificial bull

अध्याय ९

श्लोक 4.23

उपे॒होप॑पर्चना॒स्मिन् गो॒ष्ठ उप॑ पृञ्च नः ।उप॑ ऋष॒भस्य॒ यद् रेत॒ उपे॑न्द्र॒ तव॑ वी॒र्यऽम्

upehopaparcanāsmin goṣṭha upa pṛñca naḥ | upa ṛṣabhasya yad reta upendra tava vīrya'm

हिन्दी अर्थ

सबको एक क्षणःमे जानं सकना,--सम्भवः हो जातां है (योगं ३।५४) कि (सकेता लोकः) सुकेमियो का लोक है, (चत्तः) प्राधित हृए (शरभः). गनौर: शान्ति धारणं किये हृए के (न) सदुश, (दुर्गाणि - ग्रति) दुगेम मगो काऽ 64 सुग - शरथवैवेदनभष्य ७३

English

The Bull, fierce, thousandfold, filled full of vigour, bearing within his flanks all forms and

अध्याय ९

श्लोक 4.24

ए॒तं वो॒ युवा॑नं॒ प्रति॑ दध्मो॒ अत्र॒ तेन॒ क्रीड॑न्तीश्चरत॒ वशाँ॒ अनु॑ ।मा नो॑ हासिष्ट ज॒नुषा॑ सुभागा रा॒यश्च॒ पोषै॑र॒भि नः॑ सचध्वम्

etaṃ vo yuvānaṃ prati dadhmo atra tena krīḍantīścarata vaśā~ anu | mā no hāsiṣṭa januṣā subhāgā rāyaśca poṣairabhi naḥ sacadhvam

हिन्दी अर्थ

कोलोध कर भौ (एषः) हमारे पास श्राया कर। (पञ्चौदनः). पाच ५ मानः) समपंण के योग्य हो जाता है, तो वह (दातारम्) दाता श्राचायेःको . पर, जसे वह कठिन मार्गो को लांघ करभीहमारे पासश्रातारहै,वैसेहे..

English

natures, Brihaspati’s Steer, hath stretched the thread, bestowing bliss on the worshipper, the liberal

अध्याय ९

श्लोक 5.1

पञ्चौदनो अजः।१-३८ भृगुः।पञ्चौदनोऽजः, मन्त्रोक्ताः।त्रिष्टुप्, ३ चतुष्पदा पुरोतिशक्वरी जगती, ४, १० जगती, १४, १७, २७-३० अनुष्टुप् ( ३० ककुम्मती), १६ त्रिपदानुष्टुप्, १८, ३७ त्रिपदा विराड् गायत्री, २३ पुर उष्णिक्, २४ पञ्चपदानुष्टुबुष्णिग्गर्भोपरिष्टाद्विराड् जगती, २०-२२, २६ पञ्चपदानुष्टुबुष्णिग्गर्भोपरिष्टाद्बार्हता भुरिक्, ३१ सप्तपदाष्टिः, ३२-३५ दशपदा प्रकृतिः, ३६ दशपदाऽऽकृतिः, ३८ एकावसाना द्विपदा साम्नी त्रिष्टुप्।आ न॑यै॒तमा र॑भस्व सु॒कृतां॑ लो॒कमपि॑ गच्छतु प्रजा॒नन्।ती॒र्त्वा तमां॑सि बहु॒धा म॒हान्त्य॒जो नाक॒मा क्र॑मतां तृ॒तीय॑म्

pañcaudano ajaḥ| 1-38 bhṛguḥ| pañcaudano'jaḥ, mantroktāḥ| triṣṭup, 3 catuṣpadā purotiśakvarī jagatī, 4, 10 jagatī, 14, 17, 27-30 anuṣṭup ( 30 kakummatī), 16 tripadānuṣṭup, 18, 37 tripadā virāḍ gāyatrī, 23 pura uṣṇik, 24 pañcapadānuṣṭubuṣṇiggarbhopariṣṭādvirāḍ jagatī, 20-22, 26 pañcapadānuṣṭubuṣṇiggarbhopariṣṭādbārhatā bhurik, 31 saptapadāṣṭiḥ, 32-35 daśapadā prakṛtiḥ, 36 daśapadā''kṛtiḥ, 38 ekāvasānā dvipadā sāmnī triṣṭup| ā nayaitamā rabhasva sukṛtāṃ lokamapi gacchatu prajānan| tīrtvā tamāṃsi bahudhā mahāntyajo nākamā kramatāṃ tṛtīyam

हिन्दी अर्थ

वणेन “बकरा” श्रथं मे सम्भव नहीं करताहै, (ये दिव्याः) जो दिव्यहैँ (ये च) श्रौर जो (पाथिवाः) पाथिव (्रज) है जन्म सरणसे रहित परमेश्वर ! (सोम्याः) सोम का,

English

He bears oblation, and his seed is butter. Thousand-fold plenty; sacrifice they call him. May he, the Bull, wearing the shape of Indra, come unto us, O

अध्याय ९

श्लोक 5.2

इन्द्रा॑य भा॒गं परि॑ त्वा नयाम्य॒स्मिन् य॒ज्ञे यज॑मानाय सू॒रिम्।ये नो॑ द्वि॒षन्त्यनु तान् र॑भ॒स्वाना॑गसो॒ यज॑मानस्य वी॒राः

indrāya bhāgaṃ pari tvā nayāmyasmin yajñe yajamānāya sūrim| ye no dviṣantyanu tān rabhasvānāgaso yajamānasya vīrāḥ

हिन्दी अर्थ

परमेदवर का - दर्दन- करा. देता है । इससे शिष्य भी श्रपरिमित यज (प्रवेशयेत्) परमेदवर में प्रविष्टकरादे। . न कराए जिससे शिष्य. के भंगं मंग की भ्राशंका हो, ईसकी' हदिव्यो में विकृति पदा हो जाय श्रौर = रीढ् की हडिडयोंः का मञ्जा सूख . जाय,

English

They gave the hooves to tortoises, to Saramā scraps of the feet: His undigested food they gave to worms and things that creep and crawl.

अध्याय ९

श्लोक 5.3

प्र प॒दोऽव॑ नेनिग्धि॒ दुश्च॑रितं॒ यच्च॒चार॑ शु॒द्धैः श॒फैरा क्र॑मतां प्रजा॒नन्।ती॒र्त्वा तमां॑सि बहु॒धा वि॒पश्य॑न्न॒जो नाक॒मा क्र॑मतां तृ॒तीय॑म्

pra pado'va nenigdhi duścaritaṃ yaccacāra śuddhaiḥ śaphairā kramatāṃ prajānan| tīrtvā tamāṃsi bahudhā vipaśyannajo nākamā kramatāṃ tṛtīyam

हिन्दी अर्थ

कोः ५००५५५६ (वेद )- जानता है (एष वे नैदाघः). यह हैः वस्तुतः ६९ : + श्रथववेद-माष्य कां०.९६सु०.४ सेदाषः (नाम ऋतुः). नाम वाली ऋतुः (यद् ्रजः पञ्चौदनः) . निदाघ है ग्रीष्मकाल, जोकि नितरां दग्ध कर देता है, जिसमे वि

English

Crossing in many a place the mighty darkness, let the Goat mount to the third heaven above us.

अध्याय ९

श्लोक 5.4

अनु॑च्छ्य श्या॒मेन॒ त्वच॑मे॒तां वि॑शस्तर्यथाप॒र्व॑१सिना॒ माभि मं॑स्थाः ।माभि द्रु॑हः परु॒शः क॑ल्पयैनं तृ॒तीये॒ नाके॒ अधि॒ वि श्र॑यैनम्

anucchya śyāmena tvacametāṃ viśastaryathāparva1sinā mābhi maṃsthāḥ | mābhi druhaḥ paruśaḥ kalpayainaṃ tṛtīye nāke adhi vi śrayainam

हिन्दी अर्थ

है, (मात्मना मवति) भौर स्वयं उस पर .-असुता पा लेता है (यः) जोकि गृहस्यी के भ्रति. (ददाति) भदान करताहैः। .. . उदित होती हई ऋतु को पञ्चौदंन भज” कहा है । “उचन्तम्” ऋतु ििर है जोकि हेमन्तं ऋतु के परचात् भाती है । “शिशिर प्रद शुहिसा- ९० श्रथर्वैवेद-माष्य कां० ९1 सु०

English

heaven. Rise to that world, O Goat, where dwell the righteous: pass, like a Sarabha veiled, all difficult

अध्याय ९

श्लोक 5.5

ऋ॒चा कु॒म्भीमध्य॒ग्नौ श्र॑या॒म्या सि॑ञ्चोद॒कमव॑ धेह्येनम्।प॒र्याध॑त्ता॒ग्निना॑ शमितारः शृ॒तो ग॑च्छतु सु॒कृतां॒ यत्र॑ लो॒कः

ṛcā kumbhīmadhyagnau śrayāmyā siñcodakamava dhehyenam| paryādhattāgninā śamitāraḥ śṛto gacchatu sukṛtāṃ yatra lokaḥ

हिन्दी अर्थ

हयो जाति, ड़ जते इस लिये इस ऋतु को पतभड भी कहते है, ते- । शििर ऋतु को “पञ्चौदनं रजः कहा न म जब उदित हो रहा होता है तब जीवनं मर तामस, राजस रूपी पत्ते फढने भ्रारम्भ. हो जाते हैँ । शेष अजमिप्राय पूव- वि मुभ (वेद) जानता है वह (भ्रप्रियस्यं)

English

places. The Goat Panchaudana, given to a Brāhman, shall with all ful- ness satisfy the giver.

अध्याय ९

श्लोक 5.6

उत् क्रा॒मातः॒ परि॒ चेदत॑प्तस्त॒प्ताच्च॒रोरधि॒ नाकं॑ तृ॒तीय॑म्।अ॒ग्नेर॒ग्निरधि॒ सं ब॑भूविथ॒ ज्योति॑ष्मन्तम॒भि लो॒कं ज॑यै॒तम्

ut krāmātaḥ pari cedataptastaptāccaroradhi nākaṃ tṛtīyam| agneragniradhi saṃ babhūvitha jyotiṣmantamabhi lokaṃ jayaitam

हिन्दी अर्थ

हर लेता है, स्वायत्त कटर लेता है । (एषः वा भ्रभि भूः नाम ऋतुः) यह है वस्तुतः पराभव करने वाली ऋतु (यद् भ्रजः पञ्चौदनः) जो किं पांच को (निरदंहति) दग्ध -कर देता है, (भवति शरात्मना) भ्रौर स्वयं उस पर : पारमेदवरीय ज्योति के शूप मे, गृहस्थी के प्रति (वदाति) प्रदान करता है । रभि भूः ऋतु है, वसन्त; जोकि शिशिर ऋतु के (मन्त्र ३५) परचात् श्राती है! निज शोभा के कारण शेष सब ऋतुभ्रो पर यह् ऋतु विजय

English

The Goat Panchaudana, given to a Brāhman, sets the bestower on the pitch of heaven, In the third vault, third sky, third ridge. One only Cow omni- form art thou, that yields all

अध्याय ९

श्लोक 5.7

अ॒जो अ॒ग्निर॒जमु॒ ज्योति॑राहुर॒जं जीव॑ता ब्र॒ह्मणे॒ देय॑माहुः ।अ॒जस्तमां॒स्यप॑ हन्ति दू॒रम॒स्मिंल्लो॒के श्र॒द्दधा॑नेन द॒त्तः

ajo agnirajamu jyotirāhurajaṃ jīvatā brahmaṇe deyamāhuḥ | ajastamāṃsyapa hanti dūramasmiṃlloke śraddadhānena dattaḥ

हिन्दी अर्थ

को “ऋतूनां कुलुमाकरः” (१०।३५) कहा द । कुसुमाकर का भ्रथं है. । कुसुमां भर्थात् पूरलो की खान । इस ऋतु मं वृक्षो भँ भी नवाङ्ककर प॑दा होने : शोमा द्वारां न्य ऋषु्रों का पराभव करती हुई नवा को पेदा करती ¦ ( है, वसेः “पञ्चौदन-प्रज"” भी तामस राजस विचारो तथा क्मोँका पराभव कर; ध्याता में सात्विक नवाङ्कुरों को पैदा करता है । शेष ्रभिभ्राय पूवत ¦ ॥ (सघ्ीचीः) परस्पर मिल कर भ्रौरं (संमनसः) एकं मन हो कर (ते) हे

English

wishes. That is the third light that is yours, ye Fathers. He gives the

अध्याय ९

श्लोक 5.8

पञ्चौ॑दनः पञ्च॒धा वि क्र॑मतामाक्रं॒स्यमा॑न॒स्त्रीणि॒ ज्योतीं॑षि ।ई॒जा॒नानां॑ सु॒कृतां॒ प्रेहि॒ मध्यं॑ तृ॒तीये॒ नाके॒ अधि॒ वि श्र॑यस्व

pañcaudanaḥ pañcadhā vi kramatāmākraṃsyamānastrīṇi jyotīṃṣi | ījānānāṃ sukṛtāṃ prehi madhyaṃ tṛtīye nāke adhi vi śrayasva

हिन्दी अर्थ

देशवासियों का सुचक है । त पचत का भ्रभिप्राय श्रम्नि पर पकाना नही, ्रपितु निज जीवनो मेँ परमेरवरः न कि बकरा । ईसी प्रकार “पांच भ्रोदनो" का श्रमिप्राय है पांच ,. “पञ्च भरोदनों का परिपाकं निज जीवनो मे कर नेते हैँ उन का संमान सब

English

Goat Panchaudana to the Brāhman. Given in this world by the devout believer, the Goat dispels and drives afar the darkness.

अध्याय ९

श्लोक 5.9

अजा रो॑ह सु॒कृतां॒ यत्र॑ लो॒कः श॑र॒भो न च॒त्तोऽति॑ दु॒र्गान्ये॑षः ।पञ्चौ॑दनो ब्र॒ह्मणे॑ दी॒यमा॑नः॒ स दा॒तारं॒ तृप्त्या॑ तर्पयाति

ajā roha sukṛtāṃ yatra lokaḥ śarabho na catto'ti durgānyeṣaḥ | pañcaudano brahmaṇe dīyamānaḥ sa dātāraṃ tṛptyā tarpayāti

हिन्दी अर्थ

(ताः) वे सब दिशाए भर्थात् सब दिचयाभों के वासी . प्रनाए (मन्त ३७) (ते) है “पुनम् :” तेरे, (तव एतम्) भर्थात् तेरे इस पति की, (आज्यम्) धृत भ्रौर (इदम् हविः) (जुहोमि) में पुरोहित भाहृतियों के रूप मे भराहूत करता हूं । इसमे है किं उस का पति जीवित तथा सुरक्षित रहे । विह्षोषः-- काण्ड ९।५।३१ में नेदाघ० छतु से वर्षारम्भ किया गया है ।

English

Seeking the world of good men who have worshipped, he gives the Goat Panchaudana to the Brāhman.

अध्याय ९

श्लोक 5.10

अ॒जस्त्रि॑ना॒के त्रि॑दि॒वे त्रि॑पृ॒ष्ठे नाक॑स्य पृ॒ष्ठे द॑दि॒वांसं॑ दधाति ।पञ्चौ॑दनो ब्र॒ह्मणे॑ दी॒यमा॑नो वि॒श्वरू॑पा धे॒नुः का॑म॒दुघा॒स्येका॑

ajastrināke tridive tripṛṣṭhe nākasya pṛṣṭhe dadivāṃsaṃ dadhāti | pañcaudano brahmaṇe dīyamāno viśvarūpā dhenuḥ kāmadughāsyekā

हिन्दी अर्थ

की पीठप्रर (सप्तरश्मौ ) सात प्रकार की रदिमयों वाले सूं में (धि) रदिमियां फट कर, सातरंगों की रदिमयो मे ५ हो जाती है । ये सात- रंगी रदिमयां वर्षतु में मेधीय इन्द्रधनुष मे दीखती हं । यजुवद (४०।१७) - है! (तंपृण्यं लोकम्) उस पुण्य लोक को (्जेषम्) तेरी 'छृपासेमै

English

Gods, bestowed, with blessing. Both arms of Varuna, and Indra’s vigour, the Maruts’ hump is he, the Asvins’ shoulders.

अध्याय ९

श्लोक 5.11

ए॒तद् वो॒ ज्योतिः॑ पितरस्तृ॒तीयं॒ पञ्चौ॑दनं ब्र॒ह्मणे॒ऽजं द॑दाति ।अ॒जस्तमां॒स्यप॑ हन्ति दू॒रम॒स्मिंल्लो॒के श्र॒द्दधा॑नेन द॒त्तः

etad vo jyotiḥ pitarastṛtīyaṃ pañcaudanaṃ brahmaṇe'jaṃ dadāti | ajastamāṃsyapa hanti dūramasmiṃlloke śraddadhānena dattaḥ

हिन्दी अर्थ

येना संदृशं वह॑सि येनाग्नि सवेदेदसम् । हेतु से (सहस्रम्) हजारों लोक लोकान्तरं का (वहसि) तू वहन करता है, (येन) जिस हेतु से (सवैवेदसम्) सर्वस्वत्यागी' का बहुन करता है । ( तेन) उसदहतु से (नः). हमारे (यज्ञम्) यज्ञ को सफलता कौ ग्रोर (वह) ले चल, ताकि (देवेषु ) देवों म वतमान (स्वः) सुखविशेष को (गन्तवे)

English

They who are sages, bards endowed with wisdom, call him Brihaspati compact and heightened.

अध्याय ९

श्लोक 5.12

ई॒जा॒नानां॑ सु॒कृतां॑ लो॒कमीप्स॒न् पञ्चौ॑दनं ब्र॒ह्मणे॒ऽजं द॑दाति ।स व्याऽप्तिम॒भि लो॒कं ज॑यै॒तं शि॒वो॒३ऽस्मभ्यं॒ प्रति॑गृहीतो अस्तु

ījānānāṃ sukṛtāṃ lokamīpsan pañcaudanaṃ brahmaṇe'jaṃ dadāti | sa vyā'ptimabhi lokaṃ jayaitaṃ śivo3'smabhyaṃ pratigṛhīto astu

हिन्दी अर्थ

क्योंकि उस के सकामकमै निष्कामखूप हो. गए हँ भरतः उस के जीवन को कि हमः जीवन्मुक्तो के जीवन यज्ञो का भी तु . वहनः कर, ताकि उस सुख तेनं लोकान्त्सूर्यवतो जयेम ॥१८॥

English

Thou, vigorous, reachest to the tribes of heaven. Thee they call Indra, thee they call Sarasvān.

अध्याय ९

श्लोक 5.13

अ॒जो ह्य॑१ग्नेरज॑निष्ट॒ शोका॒द् विप्रो॒ विप्र॑स्य॒ सह॑सो विप॒श्चित्।इ॒ष्टं पू॒र्तम॒भिपू॑र्तं॒ वष॑ट्कृतं॒ तद् दे॒वा ऋ॑तु॒शः क॑ल्पयन्तु

ajo hya1gnerajaniṣṭa śokād vipro viprasya sahaso vipaścit| iṣṭaṃ pūrtamabhipūrtaṃ vaṣaṭkṛtaṃ tad devā ṛtuśaḥ kalpayantu

हिन्दी अर्थ

म स्थापित कर देत। है । (तेन) उस की- सहायता या कृष से (धूर्यवतः सवं तद॑ग्ने सुकृतस्य छोके नानीता; संगम॑ने पथीनाम् ॥१९॥ के हाथ मे (निदधे) ओ स्थापित करताहुं (यंच) भ्रौर जिसे 1

English

Turned to one aim, that Brāhman gives a thousand who offers up the Bull as his oblation. Brihaspati, Savitar gave thee vital vigour: thy breath was brought from Tvashtar and from

अध्याय ९

श्लोक 5.14

अ॒मो॒तं वासो॑ दद्या॒द्धिर॑ण्य॒मपि॒ दक्षि॑णाम्।तथा॑ लो॒कान्त्समा॑प्नोति॒ ये दि॒व्या ये च॒ पार्थि॑वाः

amotaṃ vāso dadyāddhiraṇyamapi dakṣiṇām| tathā lokāntsamāpnoti ye divyā ye ca pārthivāḥ

हिन्दी अर्थ

(रगे). है प्रकाशमयं तथा ज्ञानमय परमेइवेर ! (पथीनां संगमने; .सुक्रत- स्य लोके) पथो के संगम मेँ जहां कि-सुकर्मो का लोक है वहां, त्. (नः) ˆ दारा बलिवश्वदेव यज्ञ को सूचित. किया है, जिस मे कि प्राणिमात्र के लिये

English

Vāyu. In thought I offer thee in air’s mid-region. Thy sacrificial grass be Earth and Heaven!

अध्याय ९

श्लोक 5.15

ए॒तास्त्वा॒जोप॑ यन्तु॒ धाराः॑ सो॒म्या दे॒वीर्घृ॒तपृ॑ष्ठा मधु॒श्चुतः॑ ।स्त॒भा॒न पृ॑थि॒वीमु॒त द्यां नाक॑स्य पृ॒ष्ठेऽधि॑ स॒प्तर॑श्मौ

etāstvājopa yantu dhārāḥ somyā devīrghṛtapṛṣṭhā madhuścutaḥ | stabhāna pṛthivīmuta dyāṃ nākasya pṛṣṭhe'dhi saptaraśmau

हिन्दी अर्थ

पक्वान्न के भ्रंश भेट किये जाते है । यथा “शुनां च पतितानां च -इवप्च रोहि सूचित करिया है. जिस से तण्डुलं निकाल कर ग्रोदन-पकाएः जति ह । पव श्रष्यायं. ३३७) । पथीनां संगमने सम्भवतः देवभागे .श्रौर पितू- माय का जहां संगम हतां हो, वहां सूकरृेत का कोई स्थान विशेष हो जिसे कि “सुकृतस्य लोके" द्वारा निदिष्ट किया है । ;

English

Let the priest joyfully extol the limbs and members of the Bull Who moved and roared among the kine as Indra moves among the Gods.

अध्याय ९

श्लोक 5.16

अ॒जो॒३स्यज॑ स्वर्गोऽसि॒ त्वया॑ लो॒कमङ्गि॑रसः॒ प्राजा॑नन्।तं लो॒कं पुण्यं॒ प्र ज्ञे॑षम्

ajo3syaja svargo'si tvayā lokamaṅgirasaḥ prājānan| taṃ lokaṃ puṇyaṃ pra jñeṣam

हिन्दी अर्थ

किया, (तस्य) उस की (उरः श्रभवत्) छाती हई (इयम्) यह पृथिवी (कुक्षी) दो कोखं हुई । (समुद्रौ ) दो . समूद्र । पादवं = दो षार्वो की नाना, .अस्थियों को. “दिक्च नाना दिश्चाएं

English

The sides must be Anumati’s, and both rib-pieces Bhaga’s share, Of the knee-bones hath Mitra said, Both these are mine, and only mine.

अध्याय ९

श्लोक 5.17

येना॑ स॒हस्रं॒ वह॑सि॒ येना॑ग्ने सर्ववेद॒सम्।तेने॒मं य॒ज्ञं नो॑ वह॒ स्वऽर्दे॒वेषु॒ गन्त॑वे

yenā sahasraṃ vahasi yenāgne sarvavedasam| tenemaṃ yajñaṃ no vaha sva'rdeveṣu gantave

हिन्दी अर्थ

एष वा अधरिमितो यह्नो .यदजः पञ्चौदनः ॥२१॥ “श्रज' है, जन्मरहित परमेश्वर है । लिये है, कमंवासनाजन्य नहीं । क अ"

English

The Ādityas claim the hinder parts, the loins must be Brihas- pati’s. Vāta, the God, receives the tail: he stirs the plants and herbs therewith,

अध्याय ९

श्लोक 5.18

अ॒जः प॒क्वः स्व॒र्गे लो॒के द॑धाति॒ पञ्चौ॑दनो॒ निरृ॑तिं॒ बाध॑मानः ।तेन॑ लो॒कान्त्सूर्य॑वतो जयेम

ajaḥ pakvaḥ svarge loke dadhāti pañcaudano nirṛtiṃ bādhamānaḥ | tena lokāntsūryavato jayema

हिन्दी अर्थ

जो किःकाटपनिक ही होत है । परमेदवर की दो भख है, सत्य श्रौर ऋत । कोः “बृहत्-सत्यम्”ःमी कहा है (अथव १२।१।१) । वैयक्तिक, सामाजिक, पौषण करना) ये दो है परमेदवर के भ्राणलूप, इ्वास-प्ररवासरूप, प्राणा- 1

English

To Sūryā they assigned the skin, to Sinivāli inward parts. The Slaughterer hath the feet, they said, when they distributed the Bull.

अध्याय ९

श्लोक 5.19

यं ब्रा॑ह्म॒णे नि॑द॒धे यं च॑ वि॒क्षु या वि॒प्रुष॑ ओद॒नाना॑म॒जस्य॑ ।सर्वं॒ तद॑ग्ने सुकृ॒तस्य॑ लो॒के जा॑नी॒तान्नः॑ सं॒गम॑ने पथी॒नाम्

yaṃ brāhmaṇe nidadhe yaṃ ca vikṣu yā vipruṣa odanānāmajasya | sarvaṃ tadagne sukṛtasya loke jānītānnaḥ saṃgamane pathīnām

हिन्दी अर्थ

दिव् को सिरं तथो मूर्षा कहा है . तथा ते विवमेवं विराजं पञ्चमीं चिति- सान होता है 1 भ्रपरिमितः यज्ञः परमेश्वर (यजु०.३.१।६,७,६) ।. . . प्रतीत होते है, जिन में मूत्रपेदा होता है जिन्हे कि समुद्रौ कहाहै।

English

They made a jest of kindred’s curse: a jar of Soma juice was set, What time the deities, convened, assigned the Bull’s divided parts.

अध्याय ९

श्लोक 5.20

अ॒जो वा इ॒दमग्ने॒ व्यऽक्रमत॒ तस्योर॑ इ॒यम॑भव॒द् द्यौः पृ॒ष्ठम्।अ॒न्तरि॑क्षं॒ मध्यं॒ दिशः॑ पा॒र्श्वे स॑मु॒द्रौ कु॒क्षी

ajo vā idamagne vya'kramata tasyora iyamabhavad dyauḥ pṛṣṭham| antarikṣaṃ madhyaṃ diśaḥ pārśve samudrau kukṣī

हिन्दी अर्थ

तल्लीन करे । योगरदरंन म तप मे सम्बन्ध मे कहा कि “नातपस्विनो होता, परन्तु वह तप उस सीमा तक. ही होना चाहिए जितनी तक.कि मन॒ योगसाधन कयि जां सकते्है, भ्रस्थि तोड़ तथा रीढृ की भस्थियो के रस .

English

That Bull, the husband of the kine, pierces the demons with his horns, Banishes famine with his eye, and hears good tidings with his ears.

अध्याय ९

श्लोक 5.21

स॒त्यं च॒र्तं च॒ चक्षु॑षी॒ विश्वं॑ स॒त्यं श्र॒द्धा प्रा॒णो वि॒राट् शिरः॑ ।ए॒ष वा अप॑रिमितो य॒ज्ञो यद॒जः पञ्चौ॑दनः

satyaṃ cartaṃ ca cakṣuṣī viśvaṃ satyaṃ śraddhā prāṇo virāṭ śiraḥ | eṣa vā aparimito yajño yadajaḥ pañcaudanaḥ

हिन्दी अर्थ

को सुखा देने वाला तप योगविरोधी ही है जीवन को सफल करता है उसे भी परमेइवर इष भ्रादि प्रदान करता है । कार ९। सू०५ . भ्रथवववेद-मोाष्य ८३

English

With hundred sacrifices he worships: the fires consume him not: All Gods promote the Braman who offers the Bull in sacrifice.

अध्याय ९

श्लोक 5.22

अप॑रिमितमे॒व य॒ज्ञमा॒प्नोत्यप॑रिमितं लो॒कमव॑ रुन्धे ।यो॒३ऽजं पञ्चौ॑दनं॒ दक्षि॑णाज्योतिषं॒ ददा॑ति

aparimitameva yajñamāpnotyaparimitaṃ lokamava rundhe | yo3'jaṃ pañcaudanaṃ dakṣiṇājyotiṣaṃ dadāti

हिन्दी अर्थ

यथेच्छ दुघ देने वाली दुधार गौएं (भवन्ति) देय होती है (यः) जो भोग पर,विजय प्राप्त करानेः के लिये, गुड एक-एक सुवर्णाभरषण, वस्व, तथा कराकर रिष्य के जीवन को सफल बनाना कोई साधारण कायं नहीं। तो

English

He who hath given away the Bull to Brāhmans frees and cheers his soul. In his own cattle-pen he sees the growth and increase of his cows.

अध्याय ९

श्लोक 5.23

नास्यास्थी॑नि भिन्द्या॒न्न म॒ज्ज्ञो निर्ध॑येत्।सर्व॑मेनं समा॒दाये॒दमि॑दं॒ प्र वे॑शयेत्

nāsyāsthīni bhindyānna majjño nirdhayet| sarvamenaṃ samādāyedamidaṃ pra veśayet

हिन्दी अर्थ

भी परिणामसूपमें कथित दक्षिणा, है मी मामूलो। रिष्य पाच सुवणं- मालाएं तो कृतज्ञता रूप मे गुड की गरदन पर पहनाता हैभूर फा जाने वाली पृष्पमालाणएं नहीं, तथा गुर के परिधान के . लिये पांच नवीन वस्र, तथा दुग्धसेवी गुर के लिये पांच गौएं देता है, जिस द्वारा गुर .के परिवार कां पालन-पोषण हो सके । पांच सुवर्णं-मालाएं भी तात्कालिक समारोह मेँ गुर मवम्ति) सोभारूप होते है, (वासांसि). वस्त्रे (तन्वे) शरीर के लिये गये पांच सुवर्णाभषण, पांच सुवणंमालारएं" भ्रच्यात्मगुरु कों सुशोभित करती है, उस समय उसके मूख की श्राभाः चमकती है । वमं = वृज् प्रावरणे

English

Let there be cattle, let there be bodily strength and progeny: All this may the Gods kindly grant to him who gives away the

अध्याय ९

श्लोक 5.24

इ॒दमि॑दमे॒वास्य॑ रू॒पं भ॑वति॒ तेनै॑नं॒ सं ग॑मयति ।इषं॒ मह॒ ऊर्ज॑मस्मै दुहे॒ यो॒३ऽजं पञ्चौ॑दनं दक्षि॑णाज्योतिषं॒ ददा॑ति

idamidamevāsya rūpaṃ bhavati tenainaṃ saṃ gamayati | iṣaṃ maha ūrjamasmai duhe yo3'jaṃ pañcaudanaṃ dakṣiṇājyotiṣaṃ dadāti

हिन्दी अर्थ

ठ , , अथवंवेद-भाष्य कां७-।८स्० ५ शरीर का भावरण करने .वाले ठकने वाले, कवच के सदृशा वस्त्र समारोह मे :' देते हैँ तो वे (न वियोषतः) परस्पर से वियुक्त नहीं होते ।

English

Bull. 142

अध्याय ९

श्लोक 5.25

पञ्च॑ रु॒क्मा पञ्च॒ नवा॑नि॒ वस्त्रा॒ पञ्चा॑स्मै धे॒नवः॑ काम॒दुघा॑ भवन्ति ।यो॒३जं पञ्चौ॑दनं॒ दक्षि॑णाज्योतिषं॒ ददा॑ति

pañca rukmā pañca navāni vastrā pañcāsmai dhenavaḥ kāmadughā bhavanti | yo3jaṃ pañcaudanaṃ dakṣiṇājyotiṣaṃ dadāti

हिन्दी अर्थ

. “वियोषतः”, पद द्वारा यह भाव प्रकट होता है कि ये नव वर-वघू तक को, एक-दूसरे पर न्यौचछावर करदे तो उनं के वियोग ॒की सम्भावना समानलोंको भवति पुनरवाप॑रः पतिः ।

English

Indra here verily hath rejoiced: let him bestow conspicuous wealth. May he draw forth at will from yonder side of heaven a deft cow, good to milk, whose calf is

अध्याय ९

श्लोक 5.26

पञ्च॑ रु॒क्मा ज्योति॑रस्मै भवन्ति॒ वर्म॒ वासां॑सि त॒न्वेऽ भवन्ति ।स्व॒र्गं लो॒कम॑श्नुते॒ यो॒३जं पञ्चौ॑दनं॒ दक्षि॑णाज्योतिषं॒ ददा॑ति

pañca rukmā jyotirasmai bhavanti varma vāsāṃsi tanve' bhavanti | svargaṃ lokamaśnute yo3jaṃ pañcaudanaṃ dakṣiṇājyotiṣaṃ dadāti

हिन्दी अर्थ

(पुनभ वा) ““ुनः पत्नी" होने वाली के साथ (श्रपरः पति) यह दुसरा पति (समानलोकः) एक ही गृहस्थ लोक मेँ वास करने वाला (भवति) हो जाता दहै, (यः) जोकि (पञ्चौदनम्) निज पचेन्द्रिय भोगोंको, दक्षिणा के समय एकं नई ज्योति रूप मे (ददाति) पत्नी के प्रति देता है । इसलिये विवाह विधि की समाप्ति पर, पति जो पत्नी के प्रति पञ्चभोगौं

English

never wanting. With close connexion mingle with the cows in this our cattle- pen:

अध्याय ९

श्लोक 5.27

या पूर्वं॒ पतिं॑ वि॒त्त्वाथा॒न्यं वि॒न्दतेऽप॑रम्।पञ्चौ॑दनं च॒ ताव॒जं ददा॑तो॒ न वि यो॑षतः

yā pūrvaṃ patiṃ vittvāthānyaṃ vindate'param| pañcaudanaṃ ca tāvajaṃ dadāto na vi yoṣataḥ

हिन्दी अर्थ

भ्रकरेरण मे, पुनमू के पुनवि्वाह कौ प्रसक्ति हुई है। ष पत्नी के लिये एक ज्योति ना प्रदान है, जीवन मागं मे जीकि पलो म नव- -(अनुपू्ववत्साम्) पिले बच्चे के ' परचात् पूनः ब ( म गौ को, (अ्रमेड्वाहम्) शकटवाही बल को,

English

Mingle, the Bull’s prolific flow, and, Indra! thine heroic strength! Here we restore this Bull, your youthful leader: sporting with him, go, wander at your

अध्याय ९

श्लोक 5.28

स॒मा॒नलो॑को भवति पुन॒र्भुवाप॑रः॒ पतिः॑ ।यो॒३जं पञ्चौ॑दनं॒ दक्षि॑णाज्योतिषं॒ ददा॑ति

samānaloko bhavati punarbhuvāparaḥ patiḥ | yo3jaṃ pañcaudanaṃ dakṣiṇājyotiṣaṃ dadāti

हिन्दी अर्थ

विवाह में पुरोहित को दक्षिणाख्प में देकर, (ते) वे ध व को, ला को, (पितामहम् ) पिता .के पिता क्रो, (जायाम्) निज ५ गोः ह, या सदा संत्कार पूर्वक ब्ुलाता हृ" भ्रादर पूवक बुलाता

English

pleasure. Ne’er, wealthy ones! may he be reft of offspring; and do ye favour us with growth of riches.

अध्याय ९

श्लोक 5.29

अ॒नु॒पूर्व॒व॑त्सां धे॒नुम॑न॒ड्वाह॑मुप॒बर्ह॑णम्।वासो॒ हिर॑ण्यं द॒त्त्वा ते य॑न्ति॒ दिव॑मुत्त॒माम्

anupūrvavatsāṃ dhenumanaḍvāhamupabarhaṇam| vāso hiraṇyaṃ dattvā te yanti divamuttamām

हिन्दी अर्थ

यह् कथन : पति" का ' है 1 पति गुहजीवन भं सबके साथ नमध्वम् क उनके प्रति मधुर तथा मेममयी "वाणी का प्रयोग किया रे । मन्व मे “संयुक्त पारिवारिक जीवन” का निदेश हृभा है

English

A glorification of a sacrificial goat Seize him and bring him hither. Let him travel. foreknowing, to the regions of the pious.

अध्याय ९

श्लोक 5.30

आ॒त्मानं॑ पि॒तरं॑ पु॒त्रं पौत्रं॑ पिताम॒हम्।जा॒यां जनि॑त्रीं मा॒तरं॒ ये प्रि॒यास्तानुप॑ ह्वये

ātmānaṃ pitaraṃ putraṃ pautraṃ pitāmaham| jāyāṃ janitrīṃ mātaraṃ ye priyāstānupa hvaye

हिन्दी अर्थ

भो कमजोर पड़ जाते. हँ । यहं काल. ज्येष्ट-भ्राषाढ़ -मासों. का होता देता है जसे कि उग्र नेदाष ऋतु दग्ध करती है ।. वैदिक साहित्य मे देवों भौर भसुरों को प्रजापति करी सन्ताने कहा है, ग्रथा “देवा्चासुराह्चोभये

English

I bring thee hither as a share for Indra; prince, at this sacrifice,. for him who worships. Grasp firmly from behind all those who hate us: so let the sacri- ficer’s men be sinless.

अध्याय ९

श्लोक 5.31

यो वै नैदा॑घं॒ नाम॒र्तुं वेद॑ ।ए॒ष वै नैदा॑घो॒ नाम॒र्तुर्यद॒जः पञ्चौ॑दनः ।निरे॒वाप्रि॑यस्य॒ भ्रातृ॑व्यस्य॒ श्रियं॑ दहति॒ भव॑त्या॒त्मना॑ ।यो॒३जं पञ्चौ॑दनं॒ दक्षि॑णाज्योतिषं॒ ददा॑ति

yo vai naidāghaṃ nāmartuṃ veda | eṣa vai naidāgho nāmarturyadajaḥ pañcaudanaḥ | nirevāpriyasya bhrātṛvyasya śriyaṃ dahati bhavatyātmanā | yo3jaṃ pañcaudanaṃ dakṣiṇājyotiṣaṃ dadāti

हिन्दी अर्थ

हर सी शत्र न । ये.देव भ्रौर्रसुर कोर मानुष.जाति के नही, भरपितु भावनोभ्नों भौर. तज्जन्य उदारता, । , दिव्य मोका ननन ॑ परोपकार दिव्य. कामना का के स्वामी भ्रजन्मा परमेश्वर की व का वरन कटा देता. ह । म रन्मे वर का विवाह पुनभू; के साथ हराः है । विवाह तो पुरोहित ही. नें

English

Wash from his feet all trace of evil-doing: foreknowing, with cleansed hooves let him go upward.

अध्याय ९

श्लोक 5.32

यो वै कु॒र्वन्तं॒ नाम॒र्तुं वेद॑ ।कु॒र्व॒तींकु॑र्वतीमे॒वाप्रि॑यस्य॒ भ्रातृ॑व्यस्य॒ श्रिय॒मा द॑त्ते ।ए॒ष वै कु॒र्वन्नाम॒र्तुर्यद॒जः पञ्चौ॑दनः ।निरे॒वाप्रि॑यस्य॒ भ्रातृ॑व्यस्य॒ श्रियं॑ दहति॒ भव॑त्या॒त्मना॑।यो॒३जं पञ्चौ॑दनं॒ दक्षि॑नाज्योतिषं॒ ददा॑ति

yo vai kurvantaṃ nāmartuṃ veda | kurvatīṃkurvatīmevāpriyasya bhrātṛvyasya śriyamā datte | eṣa vai kurvannāmarturyadajaḥ pañcaudanaḥ | nirevāpriyasya bhrātṛvyasya śriyaṃ dahati bhavatyātmanā| yo3jaṃ pañcaudanaṃ dakṣinājyotiṣaṃ dadāti

हिन्दी अर्थ

फलस्य भ पुरोहित वे विवाहित धुरः को प्रमेद्वर के दोन कराः दि 1 काऽ ;९.। शुः ध .:भरधववेद-भाष्य ' ८७ विवाहित शुषः भी प्रमेदवरे क्री. दिव्य जयोतिः कोपराप्तः कर, निज. जीवन मे आसुरी शको दरब कर, हैवी भीः को प्राप्तकरता ह। एसी ही भावः यो है कन्त नाततुं॑वेद । कुवती डैवेतीमेवाभियस्य घातब्यभ्य

English

Gazing on many a spot, crossing the darkness, let the Goat mount to the third heaven above us.

अध्याय ९

श्लोक 5.33

यो वै सं॒यन्तं॒ नाम॒र्तुं वेद॑ ।सं॒य॒तींसं॑यतीमे॒वाप्रि॑यस्य॒ भ्रातृ॑व्यस्य॒ श्रिय॒मा द॑त्ते ।ए॒ष वै सं॒यन्नाम॒र्तुर्यद॒जः पञ्चौ॑दनः ।निरे॒वाप्रि॑यस्य॒ भ्रातृ॑व्यस्य॒ श्रियं॑ दहति॒ भव॑त्या॒त्मना॑।यो॒३जं पञ्चौ॑दनं॒ दक्षि॑णाज्योतिषं॒ ददा॑ति

yo vai saṃyantaṃ nāmartuṃ veda | saṃyatīṃsaṃyatīmevāpriyasya bhrātṛvyasya śriyamā datte | eṣa vai saṃyannāmarturyadajaḥ pañcaudanaḥ | nirevāpriyasya bhrātṛvyasya śriyaṃ dahati bhavatyātmanā| yo3jaṃ pañcaudanaṃ dakṣiṇājyotiṣaṃ dadāti

हिन्दी अर्थ

ऋतुम्) पेदा करने वाली ऋतु. को उसके नामानुरूप (वेद ), जानता है, यह वस्तुतः पदा. करने वाली ऋतु 'है (यद्. भ्रजः पञ्चौदनः) जोकिपांच पारमेचवरीय ज्योति के रूप मे गृहस्थी के प्रति (वदाति). प्रदान करता है

English

Cut up this skin with the grey knife, Dissector! dividing joint from joint, and mangle nothing Do him no injury: limb by limb arrange him, and send him up to the third cope of heaven.

अध्याय ९

श्लोक 5.34

यो वै पि॒न्वन्तं॒ नाम॒र्तुं वेद॑ ।पि॒न्व॒तींपि॑न्वतीमे॒वाप्रि॑यस्य॒ भ्रातृ॑व्यस्य॒ श्रिय॒मा द॑त्ते ।ए॒ष वै पि॒न्वन्नाम॒र्तुर्यद॒जः पञ्चौ॑दनः ।निरे॒वाप्रि॑यस्य॒ भ्रातृ॑व्यस्य॒ श्रियं॑ दहति॒ भव॑त्या॒त्मना॑।यो॒३जं पञ्चौ॑दनं॒ दक्षि॑णाज्योतिषं॒ ददा॑ति

yo vai pinvantaṃ nāmartuṃ veda | pinvatīṃpinvatīmevāpriyasya bhrātṛvyasya śriyamā datte | eṣa vai pinvannāmarturyadajaḥ pañcaudanaḥ | nirevāpriyasya bhrātṛvyasya śriyaṃ dahati bhavatyātmanā| yo3jaṃ pañcaudanaṃ dakṣiṇājyotiṣaṃ dadāti

हिन्दी अर्थ

“ मन्त्र ३१ मेँ निदाच या नैदाघ दारा ग्रीष्म ऋतुं का वणेन हुमा है । होता है, नानाविघ सन्जिथां पैदा होनि लगतीं है, पठन-पाठन भी शुरू हो “पञ्चौदन रज" कहा है । ऋतु का निर्माता तथा नियन्ता -परमेदवर हो है । "वही ऋतुं द्वारा भूमण्डल .को सजीव कर रहा है । इस ध लिये

English

With verse upon the fire I set the caldron: pour in the water; lay him down within it! Encompass him with fire, ye Immolators. Cooked, let him reach the world where dwell the

अध्याय ९

श्लोक 5.35

यो वा उ॒द्यन्तं॒ नाम॒र्तुं वेद॑ ।उ॒द्य॒तीमु॑द्यतीमे॒वाप्रि॑यस्य॒ भ्रातृ॑व्यस्य॒ श्रिय॒मा द॑त्ते ।ए॒ष वा उ॒द्यन्न्नाम॒र्तुर्यद॒जः पञ्चौ॑दनः ।निरे॒वाप्रि॑यस्य॒ भ्रातृ॑व्यस्य॒ श्रियं॑ दहति॒ भव॑त्या॒त्मना॑।यो॒३जं पञ्चौ॑दनं॒ दक्षि॑णाज्योतिषं ददा॑ति

yo vā udyantaṃ nāmartuṃ veda | udyatīmudyatīmevāpriyasya bhrātṛvyasya śriyamā datte | eṣa vā udyannnāmarturyadajaḥ pañcaudanaḥ | nirevāpriyasya bhrātṛvyasya śriyaṃ dahati bhavatyātmanā| yo3jaṃ pañcaudanaṃ dakṣiṇājyotiṣaṃ dadāti

हिन्दी अर्थ

है । रषं भमिभरायं पूरवमत्न ३१यत् है । . ह अथर्वेद-माष्य कां०- € । सु? ऋतुम्) एकत्रित करने वाली ऋतु को उस के नामानुरूपं (वेद) जानता

English

righteous. Hence come thou forth, vexed by no pain or torment. Mount to the third heaven from the

अध्याय ९

श्लोक 5.36

यो वा अ॑भि॒भुवं॒ नाम॒र्तुं वेद॑ ।अ॒भि॒भव॑न्तीमभिभवन्तीमे॒वाप्रि॑यस्य भ्रातृ॑व्यस्य॒ श्रिय॒मा द॑त्ते ।ए॒ष वा अ॑भि॒भूर्नाम॒र्तुर्यद॒जः पञ्चौ॑दनः ।निरे॒वाप्रि॑यस्य॒ भ्रातृ॑व्यस्य॒ श्रियं॑ दहति॒ भव॑त्या॒त्मना ।यो॒३जं पञ्चौ॑दनं॒ दक्षि॑नाज्योतिषं॒ ददा॑ति

yo vā abhibhuvaṃ nāmartuṃ veda | abhibhavantīmabhibhavantīmevāpriyasya bhrātṛvyasya śriyamā datte | eṣa vā abhibhūrnāmarturyadajaḥ pañcaudanaḥ | nirevāpriyasya bhrātṛvyasya śriyaṃ dahati bhavatyātmanā | yo3jaṃ pañcaudanaṃ dakṣinājyotiṣaṃ dadāti

हिन्दी अर्थ

हर लेता है, स्वायत्त कर लेता है । (एष वं संयत् नाम ऋतुः) यह वस्तुतः के फलस्वरूप पारमेशवरीय ज्योति के रूप मे, गृहस्थी के प्रति (ददाति) वर्णेन हृभरा है । यह ऋतु है रद् ऋतु जो वर्षा ऋतु के परचात् होती है ।

English

heated vessel. As fire out of the fire hast thou arisen. Conquer and win this lucid world of splendour.

अध्याय ९

श्लोक 5.37

अ॒जं च॒ पच॑त॒ पञ्च॑ चौद॒नान्।सर्वा॒ दिशः॒ संम॑नसः स॒ध्रीचीः॒ सान्त॑र्देशाः॒ प्रति॑ गृह्णन्तु त ए॒तम्

ajaṃ ca pacata pañca caudanān| sarvā diśaḥ saṃmanasaḥ sadhrīcīḥ sāntardeśāḥ prati gṛhṇantu ta etam

हिन्दी अर्थ

ऋतुम्). पुष्टिदायक ऋतु को उसके नामानुरूप (वैद) जानता है, । वह ॥ कों०.९॥। सु०.५ भरथववेद-माष्य ८8 गृहस्थी के प्रति (ददाति) प्रदान करता है । व

English

The Goat is Agni: light they call him, saying that living man must give him to the Brāhman. Given in this world by a devout believer, the Goat dispels and drives afar the darkness.

अध्याय ९

श्लोक 5.38

तास्ते॑ रक्षन्तु॒ तव॒ तुभ्य॑मे॒तं ताभ्य॒ आज्यं॒ ह॒विरि॒दं जु॑होमि

tāste rakṣantu tava tubhyametaṃ tābhya ājyaṃ haviridaṃ juhomi

हिन्दी अर्थ

हमा है । शेष भभिभ्राय मन्त्र ३१ के सदृश द ॑ यो वा उधन्तं नामु वेद, । .उतीयुबतीमेषाभियस्यः श्रारनयस्य होती हई (ऋतुम्). ऋतु को (नाम्) उसके नामानुरूप (वेद) जानता है, लेता है ।. (एषः) यह (वै) वस्तुतः (उद्यन् नाम ऋः) उदय होती हई ऋतु है, (यद् भजः पञ्चौदनः) जोकि पांच इद्दिय भोगों का स्वामी

English

Let the Panchaudana Goat, about to visit the three lights, pass away in five divisions. Go midst the pious who have paid their worship, and parted, dwell on the third cope of

स्रोत: bhavykhatri/DharmicData · प्राप्त 3/6/2026

शास्त्रीय प्रामाणिकता एवं पारदर्शकताSources & Interpretation

स्रोत, संस्करण एवं व्याख्या वर्गीकरण

धर्म ग्रंथ पर मूल शास्त्र, पारंपरिक भाष्य और आधुनिक व्याख्या को पूर्णतः पृथक रखा जाता है ताकि पाठक को किसी भी व्याख्या के शास्त्र होने का भ्रम न हो।

सामग्री वर्गीकरण संकेत (Epistemic Content Labels)

६ स्तरिय प्रमाण व्यवस्था
मूल पाठOriginal text

अपौरुषेय / प्रामाणिक शास्त्र (Primary Canonical Scripture)

मूल संस्कृत, प्राकृत अथवा अवधी श्लोक/मंत्र। यह सर्वोच्च प्रमाण (प्रस्थान) है। इस पाठ में किसी भी आधुनिक व्याख्याकार का हस्तक्षेप नहीं है।

शाब्दिक अनुवादLiteral translation

पदार्थ व अन्वय (Direct Grammatical & Word-for-Word Meaning)

व्याकरणसम्मत प्रत्यक्ष शब्दार्थ (अन्वय)। बिना किसी दार्शनिक संप्रदाय के पूर्वाग्रह के, संस्कृत शब्दों का सटीक भाषांतर।

पारंपरिक भाष्यTraditional commentary

आचार्य परंपरा व टीका (Classical Lineage Commentary)

प्राचीन आचार्य परंपरा (यथा शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, मध्वाचार्य, श्रीधर स्वामी) द्वारा विरचित शास्त्रीय भाष्य व टीकाएं।

सरल व्याख्याSimple explanation

भावार्थ व सुबोध प्रबोधन (Accessible Pedagogical Exposition)

आधुनिक जिज्ञासुओं के लिए सरल भाषा में भावार्थ। यह मूल मंत्र नहीं, बल्कि पाठ को सुगम बनाने हेतु संपादकीय व्याख्या है।

आधुनिक चिंतनModern reflection

समसामयिक विमर्श व अनुप्रयोग (Contemporary Application & Analysis)

दार्शनिक, मनोवैज्ञानिक व वैज्ञानिक समरूपताओं पर आधुनिक चिंतन। यह मूल शास्त्र का अंग नहीं है और इसे शास्त्रोक्त सिद्धांत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

शोध टिप्पणीResearch note

पांडुलिपि एवं ऐतिहासिक शोध (Critical Apparatus & Manuscript Research)

पांडुलिपि विविधताएं, पाठ-भेद (variant readings), छंद रचना, और ऐतिहासिक व तुलनात्मक भाषावैज्ञानिक शोध। यह शास्त्र का मूल संदेश बदलने हेतु नहीं, बल्कि पाठ की प्रामाणिकता परखने के लिए है।

पहचानकर्ता:Atharva Veda — Chapter 9
संस्कृत संस्करण:Imported text; printed edition not recorded

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पुरालेखागार / स्रोत:Open Sanskrit text archives (see the source link)
गणना पद्धति:

Numbering follows the imported source and may differ from other editions.