अध्याय १६
श्लोक 1
इति श्रीस्कन्दपुराणे रेवाखण्डे कार्तवीर्याख्याने पञ्चदशो ऽध्यायः ॥ र्क्स् अध्याय १६ मार्कण्डेय उवाच: अथान्यं संप्रवक्ष्यामि सङ्गमं लोकविश्रुतम् ।बृहत्या नर्मदायास् तु सुरासुरनिषेवितम्
iti śrīskandapurāṇe revākhaṇḍe kārtavīryākhyāne pañcadaśo 'dhyāyaḥ || rks adhyāya 16 mārkaṇḍeya uvāca: athānyaṃ saṃpravakṣyāmi saṅgamaṃ lokaviśrutam / bṛhatyā narmadāyās tu surāsuraniṣevitam
हिन्दी अर्थ
वर्षोकी बालिका भी गर्भ धारण करेगी । स्त्री अपने 'पतिका और पुत्र अपने माता-पिताका आदर नहीं करेंगे। बहू सासकी और पुत्री माताकी बात नहीं मानेगी। ये सब बातें यहाँ संक्षेपसे बतायी गयी हैं ।
English
The Trident-bearing Lord was surrounded by the terrible groups of goblins along with the Mothers.