अध्याय १९
श्लोक 1
॥ इति श्रीनरसिंहपुराणे अश्विनोर् उत्पत्तिर् नाम अष्टादशो ऽध्याय ॥ नर्प् १८ ॥ यैः स्तुतो नामभिस् तेन सविता विश्वकर्मणा तान्य् अहं श्रोतुम् इच्छामि वद सूत विवस्वतः
|| iti śrīnarasiṃhapurāṇe aśvinor utpattir nāma aṣṭādaśo 'dhyāya || narp 18 || yaiḥ stuto nāmabhis tena savitā viśvakarmaṇā tāny ahaṃ śrotum icchāmi vada sūta vivasvataḥ
हिन्दी अर्थ
और भव्यमूर्ति नहुष--ये सप्तर्षि होंगे। उस मनुके सुधर्मा तथा देवानीक आदि पुत्र भूपाल होंगे। चौदहवें भावी मनुका नाम ' भौम' होगा। उस समय 'सुरुचि' नामक इन्द्र और चक्षुष्मान्, पवित्र तथा कनिष्ठाभ नामक देवगण होंगे। अग्निबाहु, शुचि, शुक्र, माधव, शिव, अभीम और जितश्वास--ये सप्तर्षि होंगे तथा उस भौम मनुके पुत्र उरु, गम्भीर और ब्रह्मा आदि भूतलके राजा होंगे। इस प्रकार मैने आपसे चौदह मन्वन्तरोंका और उन-उन
English
A prayer comprising one hundred eight names of sun god by Visvakarma if