अध्याय १०
श्लोक 1
इति श्रीमार्कण्डेयपुराणे आडि-बकयुद्धवर्णनं नाम नवमो ऽध्यायः दशमो ऽध्यायः जैमिनिरुवाच संशयं द्विजशार्दूलाः प्रब्रूत मम पृच्छतः ।आविर्भाव-तिरोभावौ भूतानां यत्र संस्थितौ
iti śrīmārkaṇḍeyapurāṇe āḍi-bakayuddhavarṇanaṃ nāma navamo 'dhyāyaḥ daśamo 'dhyāyaḥ jaiminiruvāca saṃśayaṃ dvijaśārdūlāḥ prabrūta mama pṛcchataḥ / āvirbhāva-tirobhāvau bhūtānāṃ yatra saṃsthitau
हिन्दी अर्थ
गर्गने कहा--उनके ऐसा कहनेपर देवगण दत्तात्रेयके आश्रमपर गये और वहाँ लक्ष्मीजीके साथ उन महात्माका दर्शन किया। सबसे पहले उन्होंने अपना कार्यसाधन करनेके लिये उन्हें प्रणाम किया, फिर स्तवन किया। भक्ष्य-भोज्य और माला आदि वस्तुएँ भेंट कीं। इस प्रकार वे आराधनामें लग गये। जब दत्तात्रेयजी चलते तो देवता भी उनके
English
Declare my doubt, when I enquire, 0 powerful brdhmaii8, wherein the appearance and disappearance of living beings