अध्याय ८
श्लोक 1
उ॒प॒या॒मगृ॑हीतोऽस्यादि॒त्येभ्य॑स्त्वा ।विष्ण॑ उरुगायै॒ष ते॒ सोम॒स्तᳪ र॑क्षस्व॒ मा त्वा॑ दभन्
upayāmagṛhīto'syādityebhyastvā | viṣṇa urugāyaiṣa te somasta rakṣasva mā tvā dabhan
हिन्दी अर्थ
आदर्श पति वही है जो १. यम-नियमों से संयत जीवनवाला है २. उदार हदय है। ३. प्रभु का सतत स्मरण व कीर्तन करनेवाला है। ४. सोम के महत्त्व को समञ्चकर उसकौ रक्षा करता है। यही व्यक्ति उत्तम सन्तान को जन्म देता है। एक आदर्शं वधू वर का वरण इसीलिए करती है कि वह आदित्यसम देदीप्यमान सन्तानं को जन्म दे सके।
English
com The Texts of the White Yajurveda, tr. Ralph T.H. Griffith, [1899], TAKEN upon a base art thou. Thee for the Âdityas. Here, O Far-striding Vishnu, is thy Soma. Guard it from injury. Let them not harm thee.