Diwālī
दीपावली · dīpāvalī
प्रकाश का त्योहार — अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान की विजय।
कार्तिक माह की अमावस्या (अक्टूबर-नवंबर) — पांच दिन: धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज।
Diwālī क्यों मनाया जाता है?
दीपावली का अर्थ है "दीपों की कतार"। यह अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान, और बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव है। यह पांच दिन का त्योहार है — धनतेरस से भाई दूज तक। यह कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाता है।
किन शास्त्रों में इस पर्व का उल्लेख है?
आराध्य देवता: लक्ष्मी, गणेश, काली, राम, कृष्ण (परंपरा अनुसार भिन्न)
राम की 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या वापसी (उत्तर भारत); कृष्ण द्वारा नरकासुर का वध (दक्षिण भारत); समुद्र मंथन से लक्ष्मी का प्रादुर्भाव (कुछ परंपराओं में)।
पवित्र मंत्र और ध्यान
ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः
oṃ śrī lakṣmyai namaḥ
भावार्थ: ॐ, श्री लक्ष्मी को नमस्कार।
ॐ श्री गणेशाय नमः
oṃ śrī gaṇeśāya namaḥ
भावार्थ: ॐ, श्री गणेश को नमस्कार।
शास्त्र क्या कहते हैं और लोक-रिवाज़ क्या हैं?
धर्म ग्रंथ का लक्ष्य अंधविश्वास मुक्त प्रामाणिक ज्ञान देना है। यहाँ शास्त्रीय निर्देशों और समय के साथ जुड़े लोक रिवाज़ों का स्पष्ट भेद प्रस्तुत है:
शास्त्रीय मूल (Scriptural)
पुराणों में दीप जलाने का उल्लेख — प्रकाश का प्रतीक।
सांस्कृतिक / लोक रिवाज़ (Cultural Custom)
पटाखों का प्रयोग और भारी सजावट — आधुनिक रिवाज़, शास्त्रीय आधार सीमित।
शास्त्रीय मूल (Scriptural)
लक्ष्मी पूजन का शास्त्रीय महत्व।
सांस्कृतिक / लोक रिवाज़ (Cultural Custom)
व्यापारी नव-वर्ष और बही-खाते का रिवाज़ — सांस्कृतिक, शास्त्रीय नहीं।
भारत के विभिन्न क्षेत्रों में उत्सव का स्वरूप
उत्तर भारत
राम की अयोध्या वापसी के उपलक्ष्य में दीप जलाए जाते हैं। लक्ष्मी पूजन।
दक्षिण भारत
नरक चतुर्दशी — कृष्ण द्वारा नरकासुर का वध। सुबह तेल मालिश और स्नान।
पश्चिम भारत (गुजरात, राजस्थान)
नव वर्ष का आरंभ — व्यापारी समुदाय में नए बही-खाते का उद्घाटन।
बंगाल
काली पूजा — माँ काली की आराधना, रात्रि जागरण।
जैन परंपरा
महावीर का निर्वाण दिवस — मोक्ष प्राप्ति का उत्सव।
* सनातन धर्म में विविधता ही उसकी सुंदरता है; किसी एक क्षेत्रीय प्रथा को एकमात्र सार्वभौमिक नियम नहीं माना जाता।
साधना व विधि
- •घर की सफाई और सजावट
- •रांगोली बनाना
- •दीप (मिट्टी के दीये) जलाना
- •लक्ष्मी-गणेश पूजन
- •पटाखे और फटाके (क्षेत्रीय भिन्नता)
- •मिठाइयां और उपहार बांटना
- •रात्रि जागरण और भजन
पारंपरिक प्रसाद
- •मिठाइयां — लड्डू, बर्फी, चिवड़ा
- •उत्तर भारत: चिवड़ा, गुढ़-अनार
- •दक्षिण भारत: लेहियम, मुरुक्कू
- •बंगाल: खीर, संदेश, रसगुल्ला
- •गुजरात: चिवड़ा, फाफड़ा-जलेबी
उत्सव में प्रकृति संरक्षण
पटाखों से प्रदूषण — अनेक स्थानों पर प्रतिबंध या सीमित पटाखे। हरित दीपावली का आंदोलन। मिट्टी के दीयों का प्रयोग और जैव-क्षम पटाखों को बढ़ावा।